आखिर होशंगाबाद डीएफओ ने एेसा क्या किया कि जबलपुर रेल मंडल में मच गया हड़कंप

-होशंगाबाद डीएफओ ने जबलपुर मंडल के रेल अधिकारियों को जारी किया नोटिस,

-सात दिन में मांगा जवाब

-थर्ड लाइन के लिए हुई थी पेड़ों की कटाई

By: Rahul Saran

Published: 19 Mar 2020, 03:14 PM IST

राहुल शरण, होशंगाबाद। सोनतलाई से बागरातवा के बीच में दूसरी लाइन के लिए रेलवे ने कुछ महीने पेड़ों कीकटाई की थी। पेड़ों की कटाई के मामले अब वन विभाग और जबलपुर मंडल का रेलवे प्रबंधन आमने-सामने आ गए हैं। बिना अनुमति रेलवे को पेड़ों की कटाई करना महंगा पड़ गया है। होशंगाबाद डीएफओ कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रेलवे के आला अधिकारियों को सूचना पत्र जारी किया है। यह सूचना पत्र इसी महीने के पहले सप्ताह में जारी हुआ है जिसमें मंडल स्तर के अधिकारियों को सात दिन का समय देकर तीन बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है। डीएफओ कार्यालय से मिले पत्र के बाद जबलपुर मंडल के रेल अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

------------

यह है मामला

सोनतलाई से बागरातवा के बीच सेकंड रेल लाइन बिछाने का काम रेलवे ने पिछले दिनों पूरा किया था। रेलवे ने इस हिस्से में रेलवे ट्रेक बिछाने के लिए सागौन सहित अन्य प्रजातियों के पेड़ों की कटाईकी थी। पेड़ों की कटाई का मामला सामने आने के बाद होशंगाबाद डीएफओ कार्यालय हरकत में आया है। होशंगाबाद डीएफओ अजय कुमार पांडे ने जबलपुर रेल मंडल के डीआरएम वक्र्स, एडीईएन पिपरिया सहित अन्यरेल अधिकारियों को ३ मार्च को सूचना पत्र भेजा है। पत्र् में सात दिन में तीन बिंदुओं पर जवाब देने के लिए कहा गया है और संतोषजनक जवाब नहीं देने की स्थिति में वन अधिकार अधिनियम के तहत कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।

----------------

इन बिंदुओं पर मांगा जवाब-सोनतलाई से बागरातवा के बीच सागौन सहित अन्य पेड़ों की कटाई किसके आदेश से की गई है।-सागौन के काटे गए पेड़ों की नीलामी अधिकार नहीं होने के बावजूद किसके आदेश पर नीलाम किए गए।-पेड़ों की कटाई से पहले वन विभाग को सूचित कर संयुक्त निरीक्षण के लिए क्यों नहीं कहा गया।

------------------------

इनका कहना है

सोनतलाई-बागरातवा के बीच सागौन सहित कई प्रजाति के पेड़ों की कटाई रेलवे के अधिकारियों ने कराई है। हमने रेलवे अधिकारियों को पत्र जारी किया है और तीन बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है। उन्हें सात दिन का समय दिया गया है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो संबंधितों के खिलाफ वन अधिकार अधिनियम के तहत कार्रवाई भी की जाएगी।

एके पांडेय, डीएफओ होशंगाबादा

अभी हम मीटिंग में व्यस्त हैं इसलिए उस विषय में आपसे बात नहीं कर पाएंगे। मीटिंग से फ्री होने के बाद हम आपसे बात करेंगे। फिलहाल अभी कुछ नहीं कहेंगे।

संजय यादव, डीआरएम वक्र्स जबलपुर मंडल

Rahul Saran
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned