आखिर शव यात्रा में शामिल ग्रामीणों को क्यों लगता है डर

-ग्रामीणों को सताता है हादसे का डर
-बिजली विभाग नहीं दे रहा है ध्यान

खिरकिया। नगर परिषद की उदासीनता के चलते छीपाबड़ मुक्तिधाम मार्ग पर किसी दिन बड़ी दुघर्टना हो सकती है। नाले के बाजू से मुक्तिधाम तक पहुंच मार्ग पर वर्षों पुराना क्षतिग्रस्त आम का पेड़ बिजली के तारों पर आ गया है। शहर के लोगों को शव यात्रा लेकर मुक्तिधाम में इसी के नीचे से गुजरना पड़ता है जिससे लोगों को हादसे का डर लगा रहता है।
सार्वजिक स्थलों के रखरखाव की जिम्मेदारी नगरीय निकाय की होती है लेकिन इस ओर ध्यान नही दिया जा रहा है। नगर परिषद की लापरवाही का अंदाजा इसी से लग जात है कि पुराना पेड़ बिजली की चालू लाइन पर आ गया है जिससे बिजली तार किसी भी दिन टूट सकते हैं मगर अधिकारियों को इससे सरोकार ही नही है। ऐसा नहीं है कि बिजली विभाग को इस खतरे के बारे में मालूम नहीं है। ग्रामीणों ने इस संभावित खतरे की पहले ही सूचना विभाग को दे दी है मगर विभाग उसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। विभाग का यह टालमटोल का रवैया किसी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकता है। सबसे ज्यादा खतरा उन ग्रामीणों को है जो गांव में किसी परिवार के यहां गमी में शामिल होकर शवयात्रा लेकर मुक्तिधाम आते हैं। उन्हें इस मार्ग पर आने में ही डर लगता है कि कहीं बिजली के चालू तार टूटकर शवयात्रा में शामिल लोगों पर ही ना गिर जाएं जिससे किसी की जान चली जाए। छीपाबड़ विकास समिति अध्यक्ष शिक्षक महेश तिवारी ने बताया कि नगर पंचायत द्वारा नियुक्त चौकीदार से इसकी जानकारी नगरपंचायत को दी जा चुकी है मगर इस तरफ नगर परिषद का ध्यान नहीं है।

Rahul Saran
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