फीडर सेपरेसन के कार्य में हो रहीं अनियमिताएं

फीडर सेपरेसन के कार्य में हो रहीं अनियमिताएं

sanjeev dubey | Publish: Feb, 15 2018 06:05:35 PM (IST) Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

मिट्टी के सहारे खड़े किए जा रहे बिजली के खंभें, ग्रामीणों ने जनसुनवाईमें शिकायत की

टिमरनी. मप्र विवि कंपनी द्वारा पोखरनी गांव में कराए जा रहे फीडर सेपरेसन के कार्य में अनियमिताएं बरती जा रही है। मापदंडों के अनरूप कार्य नहीं करते हुए मिट्टी के सहारे ही नए खंभें खड़े किए जा रहे है। कई स्थानों पर तो पुराने खंभों पर ही तार लटका दिए गए है। उन खंभों पर प्लास्टिक के कोटे लगा दिए गए है। यह आरोप पोखरनी के ग्रामीणों ने मंगलवार को जनसुनवाई में दिए आवेदन पत्र मेें लगाए है।

नहीं बदले जा रहे पुराने तार-
गांव के शिवनारायण दोगने ने बताया कि गांव मे फीडर सेपरेसन का कार्य चल रहा है। जिसका संचालन गांव के लाइनमैन की देखरेख में ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है। ठेकेदार द्वारा नियमानुसार पुरानी लाइन के खंभों को बदलकर नए खंभेंं लगाए जाने थे, लेकिन इस खंभों को नहीं बदला गया है। पुराने एल्युमिनियम तारों को बदल कर नए प्लास्टिक कोटेट केबल लगाना था। लेकिन वह भी नहीं बदले जा रहे है। गांव के गयाप्रसाद के कुएं तक के दो खंभें नहीं बदले है। न ही प्लास्टिक कोटेट केबल लगाए गए। बीच मेें ही लाइन खत्म कर दी गई है। ग्रामीणों ने फीडर सेपरेसन के कार्य की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
मिट्टी के सहारे खड़े कर रहे खंभें -
फीडर सेपरेसन के कार्यमें पुराने खंभों के स्थानों पर नए लगाए जा रहे है। जो कि केवल मिट्टी के सहारे ही खड़े किए जा रहे। मशीन से गड्ढा कर खंभेंं को उसी मिट्टी से भरकर खड़ा कर दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि जो तेज आधी आने पर गिर सकते है। जबकि कंपनी के अधिकारी कह रहे है कि जहां ट्रांसफार्मर लगता है वहां सीमेंट किया जाता है। वहीं ग्रामीणों ने कहा कि मिट्टी के सहारे खड़े खंभों से हादसे होने का खतरा बना रहेगा।
फिर से थमा देते है अधिक राशि के बिल-
बिजली कंपनी की अधिक राशि के बिल दिए जाने के शिकायतें भी हो रही है। नगर के अशोक पंवार ने बताया कि 5 दिसबंर को विगुत कंपनी द्वारा उनके बिल संबंधी समस्या का समाधान कर दिया गया। इसके बाद सीएम हेल्पलाइन से फोन आया कि आप संतुष्ट है तब उन्होंने कह दिया गया कि संतुष्ट है। इसके बाद कोई बिल नहीं आएगा। लेकिन पुन: बिल थमाया गया। उन्होंने कहा कि इससे ऐसा लगता है कि सीएम हेल्पलाइन एवं जनसुनवाई में भी आवेदन देने से कोई मतलब नहीं है।
आदिवासी परिवारों को मिलेगी बिजली-
पुरागांव के पास खेडीटप्पर पर रहने वाले करीब एक दर्जन से अधिकर आदिवासी परिवार पिछले कई सालों से अंधेरे में रह रहे थे। प्रधानमंती सौभाग्य योजना के अंतर्गत टप्पर तक 2 किमी लंबी लाइन पहुंचाई जाना है। जिसके चलते काम शुरू भी हो गया है। ग्रामीणों ने कहा कि गांव से टप्पर पर जो बिजली के पोल खड़े किए जा रहे है उन्हें मिट्टी के सहारे ही खड़े किए जा रहे है। कंपनी के जेई बिहारी सिंह ने बताया कि ट्रांसफार्मर पर दो पोल पर लगते उन्हें ही सीमेंटेंड किया जाता है।
इनका कहना है
फीडर सेपरेसन के कार्यमें अनियमिता हो रही है तो जांच करा जी जाएगी।
संतोष चंदेल, जेई, विद्युत वितरण कंपनी, टिमरनी।

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