प्रवासी मजदूरों का यह कैसा दर्द...अशोक नगर की महिला को हुआ कोतवाली गेट पर प्रसव

भुसावल से अशोक नगर पैदल जा रहे थे पति-पत्नी, होशंगाबाद में भटककर आ गए, महिला को अस्पताल पहुंचाया

होशंगाबाद. प्रवासी मजदूरों और खानबदोशों का पलायन अभी भी जारी है। इनमें कुछ महिलाएं तो गर्भवती भी हैं, जो सैकड़ों किमी पैदल चलकर अपने घर पहुंचने की जद्दोजहद कर रही हैं। ऐसा ही एक मामला होशंगाबाद में बुधवार शाम करीब 5 बजे सामने आया, जहां शहर कोतवाली के गेट पर एक महिला को प्रसव हो गया। उसने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है। इस दौरान पुलिस ने उसकी मदद की है। बताया जाता है कि एक गर्भवती महिला और उसका पति व बच्चे पैदल सतरस्ता पर इंदिरा चौक बाजार तरफ जा रहे थे। यह मजदूर परिवार भुसावल (महाराष्ट्र) से पैदल व कुछ वाहन के साधन से अशोक नगर जा रहा था। होशंगाबाद पहुंचने पर भूख लगी तो हाइवे से होते हुए यह होशंगाबाद शहर में पहुंच गए। यहां सतरस्ते पर इंदिरा चौक तरफ जा रहे थे। इसी दौरान अशोक नगर निवासी मजदूर चैन सिंह की पत्नी को प्रसव पीड़ा उठ आई। कोतवाली गेट के सामने ेदीवार से सटकर चैन सिंह ने उसे बैठा दिया। कुछ देर में ही उसकी पत्नी को प्रसव हुआ और उसने बच्चे को जन्म दिया। कोतवाली से प्रधान आरक्षक मनोज सिंह को यह बात पता चली तो वह दौड़कर मौके पर पहुंचे और 108 एंबुलेंस को फोन लगाकर बुलाया। एंबुलेंस जच्चा-बच्चा और पति को जिला अस्पताल लेकर गई। वहां भर्ती कराया। जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। पति चैनसिंह ने बताया कि वह भुसावल से अशोक नगर जा अपनी पत्नी और बच्चे को लेकर जा रहा था। उसे प्रशासन, पुलिस ने यात्रा के दौरान कोई मदद नहीं की। जैसे तैसे वह कभी गाड़ी पर कभी पैदल चलते रहा। स्टेशन पर किसी टे्रन से जाना चाहता था, लेकिन उसे स्टेशन पर घुसने भी नहीं दिया गया। सवाल यह है कि प्रवासी मजदूरों, खानाबदोशों का पैदल पलायन अभी भी जारी है, लेकिन कोई अधिकारी इन्हें इनके घरों तक पहुंचाने साधन का कोई इंतजाम नहीं कर रहा है।

devendra awadhiya Reporting
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