सरकारी पोषण से परहेज...हर माह संभाग के 40 हजार बच्चे नहीं ले रहे आंगनबाडि़यों से मुफ्त आहार

कुपोषण को खत्म करने की सरकारी कवायदें नहीं आ रही काम, हर महीने बढ़ती जा रही पोषण आहार नहीं लेने वालों की संख्या

होशंगाबाद
सरकारी पोषण आहार से लोग परहेज करने लगे हैं। इसका खुलासा महिला एवं बाल विकास विभाग की रिपोर्ट से हुआ है। जनवरी से अब तक पोषण आहार वितरण रिपोर्ट के मुताबिक संभाग के ४८१८ आंगनबाडि़यों में दर्ज करीब तीन लाख बच्चों में से हर महीने ४० हजार से ज्यादा बच्चे पोषण आहार खाना तो दूर, आंगनबाडि़यों में लेने भी नहीं आ रहे हैं। जबकि सरकार बच्चों की सेहत में सुधार लाने यह पोषण आहार आंगनबाड़ी केंद्रों से मुफ्त बांट रही है। इधर विभागीय अधिकारियों की मानें तो पोषण आहार नहीं लेने वाले ज्यादातर लोग संपन्न परिवार के हैं।
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एेसे-एेसे बहाने...
आनंद नगर इलाके में आंगनबाड़ी का संचालन करने वाली एक कार्यकर्ता ने बताया कि कई महिलाएं पोषण आहार लेने से मना कर देतीं हैं। पूछने पर कहतीं हैं, सरकारी पोषण अच्छा नहीं है। इसीलिए बाजार से खरीदकर ले आते हैं। महिलाएं यह कहकर पैकेट वापस लौटा देती हैं, कि किसी और को दे देना। केसला ब्लॉक की एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि कई महिलाएं सक्षम होने की वजह से मुफ्त पोषण आहार लेने से मना कर देतीं है। कहतीं है- किसी जरूरतमंद को हमारा पैकेट भी दे देना। हमारे बच्चे खाएंगे नहीं घर पर बेकार पड़ा रहेगा।
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संभाग में कुपोषित-
होशंगाबाद में कम और अति कम वजन के लगभग १४ हजार बच्चे हैं। बैतूल और हरदा में यह संख्या लगभग १८ हजार के आसपास बताई जा रही है।
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माह -दर्ज बच्चे -लाभार्थी -इतनों ने नहीं लिया आहार -जनवरी -२८५२१५-२५२१९६ -३३०१९ -फरवरी -२८०४६३ -२३४६६६ -३११४३-मार्च -२८५२५४ -२५५०१० -३०२४४-अपै्रल -२८०५८७ -२४१००६ -३९५८१-मई-२८०५८७ -२४१०८१ -३९५०६-जून -२८०५८७ -२४०४३० -४०१५७-जुलाई -२८०५५८ -२३७७६८ -४२७९० -अगस्त -२८०४९० -२३१६११ -४५७९७-सितंबर -२८०४९० -२३१६११ -४८८७९----------
कहां कितनी आंगनबाड़ी- होशंगाबाद - १७७१ हरदा - ७००बैतूल - २३४७
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स्नेह सरोकार भी नहीं आया काम- स्नेह सरोकार योजना में होशंगाबाद के ३ हजार ७४८, बैतूल के ३ हजार ९६५ और हरदा के ७२१ बच्चे शामिल हैं। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक पिछले एक साल में होशंगाबाद में परिवर्तन का प्रतिशत ४० रहा है। जबकि हरदा और बैतूल में लगभग २८ प्रतिशत बच्चों में ही परिवर्तन आया है। स्नेह सरोकार योजना वर्ष २०१५-१६ से संचालित की जा रही है।
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इनका कहना है...
आंगनबाडि़यों से हर माह बांटा जाने वाला पोषण आहार लगभग ४० हजार बच्चे नहीं ले रहे हैं। पोषण आहार लेना या नहीं लेनो यह बच्चों के अभिभावकों पर निर्भर है। पोषण आहार लेने लोगों को प्रेरित किया जाएगा।
-शिवकुमार शर्मा, संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग।

Manoj Kundoo
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