भारत का ये बड़ा बैंक हो गया कंगाल! कर्मचारियों को नए साल में भी नहीं मिली सैलरी

बैंक पर उपभोक्ताओं की एफडी का तीन करोड़ रुपए से अधिक बकाया

 

By: sandeep nayak

Published: 04 Jan 2018, 10:00 AM IST

बैतूल। हर किसी ने नए साल का जश्न अपने तरीके से मनाया। लेकिन भारत के एक बड़े बैंक के कर्मचारियों के लिए नया साल कुछ ठीक नहीं रहा। दरअसल मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की भूमि विकास बैंक कंगाल हो चुका है। यहां पर 442 उपभोक्ता अपनी एफडी पूरी होने के बाद 3.18 करोड़ रुपए बैंक से वसूलने के लिए चक्कर काट रहे हैं। वहीं साल भर से उसके अधिकारियों-कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। अब यह उपभोक्ता परेशान हैं कि कहीं उनकी जीवन भर की गाड़ी कमाई डूब न जाए।

कर्मचारियों को एक वर्ष से नहीं मिला वेतन
बैंक में कार्यरत बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों को दिसंबर 2016 से वेतन नहीं मिला है। बंैक के 09 कर्मचारियों का केन्द्रीय सहकारी बैंक में संविलयन किया गया है। अक्टूबर 2015 समझौता योजना के तहत नौ कर्मचारी बैंक में संविलियन कर दिए गए हैं। वर्तमान में बैंक में चार कर्मचारी ही बचे हैं। पहले बैंक में लगभग 150 कर्मचारी हुए करते थे। समय-समय पर बैंक से कर्मचारी रिटायर हो गए, कई काम छोड़कर चले गए।

 

नहीं मिली एफडी की राशि
शहर के ही अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि बैंक में एफडी कराई थी। एफडी की परिपक्वता हो गई है। इसके बाद भी आज तक बैंक ने एफडी की राशि नहीं लौटाई है। राशि को लेकर कलेक्टर से शिकायत की है। राशि नहीं मिलती है तो सभी उपभोक्ता धरना आंदोलन करेंगे।

इसलिए हुई बैंक की हालत खराब
भूमि विकास बैंक कोठीबाजार से किसानों को विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण दिया जाता था। टै्रक्टर, कुआं, थ्रेसर, जीप आदि के लिए ऋण दिए जाते थे। किसानों ने बैंक से ऋण तो लिया,लेकिन इसे वापस ही नहीं किया। बैंक का किसानों पर ऋण 45 करोड़ से अधिक का बकाया है। बैंक द्वारा किसानों को 19.6 करोड़ रुपए ऋण बांटा था। किसानों पर इतने ही राशि का ब्याज 33.37 करोड़ रुपए भी बकाया है। अब किसानों से बैंक वसूली भी नहीं कर पा रहा है। बैंकों के पास वसूली के लिए भी कर्मचारी नहंीं बसे हैं। बैंक ने किसानों से राशि वसूल करने मूलधन वसूली की योजना भी चलाई,इसके भी कोई सार्थक परिणाम सामने नहीं आए। किसान मूलधन भी वापस नहीं चुका पाए। भूमि विकास बैंक में अब परिसमापन की कार्रवाई चल रही है,उपभोक्ताओं की राशि शून्य होगी,इसके बाद बैंक को बंद कर दिया जाएगा। करंट वर्ष में बैंक ने किसानों से कर्ज वसूली का 11 करोड़ 36 लाख रुपए का लक्ष्य रखा था। बैंक की कर्ज वसूली 76 लाख 60 हजार रुपए पर ही सिमट गई। बैंक में कर्मचारी नहीं होने से वसूली भी नहीं हो पा रही है।

उपभोक्ताओं को बांटी अनुपाती राशि
राज्य बैंक से सितंबर 2016 में 2 करोड़ 18 लाख 86 हजार रुपए की राशि बैंक को मिली थी। इस राशि का वितरण एफडी के उपभोक्ताओं को अनुपाती राशि के रुप में किया गया है। इसके बाद से आज तक उपभोक्ताओं को राशि नहीं मिली है। राज्य बैैक ने भी भूमि विकास बैंक को रााि नहीं दी है। उपभोक्ता राशि के लिए बैंक के चक्कर काट रहे हंै। उपभोक्ताओं को राशि आने पर देने का हवाला दिया जा रहा है।

 

फैक्ट फाइल
06 मार्च 1963 बंैक संचालित
442 एफडी वाले उपभोक्ता की संख्या
318.69 लाख एफडी की राशि-
414 किसानों को कर्ज बांटा संख्या
196.07 लाख कर्ज की राशि-
45.04 करोड़ किसानों पर कुल कर्ज-
33.37 करोड़ किसानों पर ब्याज की राशि
02.18 करोड़ राज्य बैंक से 2016 में मिली राशि
2028 बैंक से जुड़े कुल किसान
11.36 करोड़ जून 2017 में वसूली होना था
76.60 लाख करंट वर्ष में वसूली हुई

बैंक परिसमापन की ओर है। किसानों को बांटे गए कर्ज की वसूली नहीं हुई है। राज्य बैंक से भी राशि नहीं मिली है। एफडी की राशि लौटाने राज्य बैंक से पैसे की मांग की है।
एमके हरणे, महाप्रबंधक भूमि विकास बैंक, कोठीबाजार, बैतूल

sandeep nayak Desk/Reporting
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