'गर्मी से आपा खो रहे नेता, जुबान भी हो रही बेलगाम और व्यवहार भी

poonam soni

Publish: Apr, 17 2018 04:06:51 PM (IST) | Updated: Apr, 17 2018 04:06:52 PM (IST)

Hoshangabad, Madhya Pradesh, India
'गर्मी से आपा खो रहे नेता, जुबान भी हो रही बेलगाम और व्यवहार भी

सीएम से लेकर कई दिग्गज नेता कार्यकर्ताओं का मार चुके हैं चांटा, आपा खो रहे दिग्गज नेता, किसी ने कार्यकर्ता को चांटा मारा तो किसी ने जमकर डांटा

होशंगाबाद। भीषण गर्मी का असर राजनेताओं के सिर चढऩे लगा है। उनकी जुबान भी फिसल रही है और अपना आपा भी खो रहे हैं। हाल ही में नेताओं के बिगड़े बोल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इससे पहले नेताओं के द्वारा मारे गए 'चांटेÓ चर्चा में थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान , विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरण शर्मा, नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी सहित ऐसे नेताओं की लंबी फेहरिस्त है, जो यदा-कदा अपने जुबान और सार्वजनिक व्यवहार के कारण सुर्खियों में आए हैं। हाल ही में सोहागपुर में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ सदस्य रामसिंह रघुवंशी पर भड़क गए। इससे पहले पचौरी एक कार्यकर्ता को चांटा मारने के कारण भी मीडिया की सुर्खियां बन चुके हैं।
चुनावी साल में नेताओं की यह स्थिति क्या गुल खिलाएगी, यह तो भविष्य में पता चलेगा। लेकिन हम आपकों ऐसे नेताओं और उनके बोल एवं व्यवहार से रूबरू कराने जा रहे हैं।

 

कार्यकर्ता ने कहा- कोई कांग्रेसी काम करत नहीं दिखता
एक वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता का यह कहना कि कोई कांग्रेसी काम करता नहीं दिखता है, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी को नागवार गुजरा। भरी बैठक में पचौरी उस पर भड़क गए, दोनों के बीच बहस होने लगी। कार्यकर्ता ने कहा, 'मुझे साठ साल हो गए हैं, कई चुनाव कराए हैं। पचौरी ने भी उसे फटकारते हुए कहा-'हमने अपने बाल ऐसे ही नहीं पकाए हैं, समझे..। हम भी दस-पंद्रह चुनाव देख चुके हैं, आपकी कड़क आवाज से कुछ नहीं होगा..। यह बहस मीडियाकर्मी रिकार्ड कर रहे थे, इस पर केंद्रीय मंत्री उन पर भी बरस पड़े और कैमरे बंद करा दिए।

केस ०१ : पहले इंदौर में कार्यकर्ता को मार चुके हैं चांटा
सुरेश पचौरी इसके पहले भी एक कार्यकर्ता को चांटा मार चुके हैं। दरअसल पिछले दिनों इंदौर में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वह गए थे, एयरपोर्ट पर काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे। इसी दौरान धक्का-मुक्की से परेशान होकर एक कार्यकर्ता को उन्होंने चांटा जड़ दिया था, इस संबंध का वीडियो खूब वायरल हुआ था।

 

केस ०२ : सीएम ने अपने ही गनमैन को जड़ा चांटा
पिछले दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान धार जिले में चुनावी सभाएं कर रहे थे कि किसी बात से नाराज होकर उन्होंने अपने ही गनमैन को थप्पड़ मार दिए थे। उक्त मामला प्रदेश में चर्चाओं में रहा था, इस संबंध का वीडियो वायरल होने के बाद प्रदेश में कई जगह सीएम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया गया था।

केस ०३ : अजय सिंह ने कार्यकर्ता को मारा थप्पड़
पिछले साल किसानों की मांगों के समर्थन में सागर कलेक्ट्रेट का कांग्रेस नेताओं ने प्रतिपक्ष नेता अजय सिंह के नेतृत्व में घेराव किया था, इस दौरान पुलिस पर पत्थर फेंक रहे एक कांग्रेसी कार्यकर्ता को अजय सिंह ने थप्पड़ मार दिया। धरने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव एवं नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट का घेराव करने जा रहे थे। यह मामला भी काफी चर्चाओं में रहा था।

यह घटनाएं भी रहीं चर्चा में
घटना 2007 की है जब पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने अपनी ही बनाई हुई जनशक्ति पार्टी के एक नेता को छिंदवाड़ा में थप्पड़ मारा था। भारती किसी टिप्पणी को लेकर कार्यकर्ता से नाराज थीं।

2008 कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी ने 2008 में एक कार्यकर्ता को प्रदेश कार्यालय में थप्पड़ मार दिया था। संभवत : उन्होंने अनुशासनहीनता करने पर ऐसा किया था।

पचौरी की घटना के बाद साल 2016 में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भोपाल स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में एक मामले की पूछताछ के दौरान एक पुलिस वाले को थप्पड़ मार दिया था।

नेताओं के बिगड़े बोल
- विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरण शर्मा ने छात्रों से कह दिया था कि पेलोगो तो खूब पेलोगे। इसका वीडियो वायरल हुआ था। पिछले दिनों अतिक्रमण हटाने पहुंचे अमले को कार्रवाई करने से रोक दिया। अपनी ही पार्टी के नपाध्यक्ष अखिलेश खंडेलवाल को लेकर बोले- वह तो राजाओं की तरह हुक्म चलाता है, बैठकर बात नहीं करता। इससे पहले एक प्रेसवार्ता में कह चुके हैं-अखिलेश अपना घर संभालें, हमारा तो प्रशासन संभाल रहा है। ऐसे कई बिगड़े बोल सुर्खियों में आ चुके हैं।

सीएम को कहे अपशब्द
सोमवार को ही नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने बघेली में कांग्रेस की न्याय यात्रा के दूसरे चरण के दौरान सीएम को ही अपशब्द बोल गए। उन्होंने कहा कि दुई बार मुख्यमंत्री बनेगे, लेकिन दुख के साथ कहय पड़त है कि आज पूरे हिंदुस्तांन म सबसे ज्यादा महिलन के साथ अन्याय होत लागत है त व मध्यप्रदेश म। केंद्र सरकार केर आंकड़ा बतावत ह कि मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा महिलन क साथ दुष्कर्म होय रहा है। लानत है ऐसन मुख्यमंत्री पर जो अपने आप का इन बहिनन का भाई कहत है। चुल्लू भर पानी म मरै चाही।

मंत्री गोपाल भार्गव के बिगड़े बोल
दो दिन पहले ही मंत्री गोपाल भार्गव ने आरक्षण ममाले पर एक बयान दिया था जो खूब चर्चाओं में रहा। भार्गव ने रविवार को नरसिंहपुर जिले में ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि 'यदि योग्यता को दरकिनार करके अयोग्य लोगों का चयन किया जाए, यदि 90 फीसदी वाले को बैठा दिया जाएगा और 40 फीसदी वाले की नियुक्ति की जाए तो यह देश के लिए घातक है।' उन्होंने कहा इससे हमारा देश पिछड़ जाएगा। कहीं ब्राह्मणों के साथ अन्याय न हो जाए। यह प्रतिभा के साथ एक मजाक है और ईश्वर की व्यवस्था के साथ अन्याय हो रहा है।



इनकी भी फिसलती रही जुबान
- पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर
- कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन
- वन मंत्री गौरीशंकर शेजवार
- राज्यमंत्री जालम सिंह पटेल
- पूर्व मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, अनूप मिश्रा
- विधायक शंकर लाल तिवारी, रामेश्वर शर्मा
- सांसद मनोहर ऊंटवाल
- ऐसे नेताओं की लंबी कतार है, जो अक्सर अपने विवादित बोलों के कारण ही चर्चा में रहते हैं।

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