भाजपा के सदस्य डिफाल्टर घोषित, जिला सहकारी बैंक का बोर्ड भंग

भरत सिंह राजपूत को हटाकर शुक्ला को नियुक्त किया प्रशासक

By: sandeep nayak

Published: 03 Mar 2019, 12:14 PM IST

होशंगाबाद। शासन ने शनिवार को होशंगाबाद-हरदा जिला सहकारी बैंक के संचालक मंडल को भंग कर प्रशासक नियुक्त कर दिया है। संचालक मंडल में भाजपा समर्थित पांच सदस्यों के अपात्र होने पर यह कार्रवाई की गई। बोर्ड के अध्यक्ष एवं भाजपा नेता भरतसिंह राजपूत को हटाकर संयुक्त आयुक्त सहकारिता ब्रजेश शरण शुक्ला को प्रशासक बनाया गया है। यह कार्रवाई शुक्रवार को ही कर दी गई थी, लेकिन राजपूत शनिवार तक आदेश नहीं मिलने की बात कह रहे थे। ज्ञात रहे कि कांग्रेस के सरकार में आने के बाद जिला सहकारी बैंकों के लगातार बोर्ड भंग हो रहे हैं।
सूत्र बताते हैं कि कृषि मंत्री सचिन यादव ने पिछले दिनों रजिस्?टार केदार शर्मा को होशंगाबाद जिला सहकारी बैंक के बोर्ड पर भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। बोर्ड के बारे में मिली शिकायतें जांच में सही पाई गई थी। उसके पांच सदस्य डिफाल्टर पाए गए थे। इस संबंध में नागरिक अधिकार जनसमस्या निराकरण समिति ने शिकायत की थी। इस पर बैंक ने जांच कराई थी जो सही पाई गई थी। लेकिन भाजपा की सरकार होने के कारण प्रशासन बोर्ड भंग कर उनके अध्यक्ष को हटाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था। फाइल दबा दी गई थी, इस पर सरकार बदलते ही दोबारा शिकायत की गई थी। इस मामले में हाइकोर्ट जबलपुर में भी अपील लगी है।

 

 

इसलिए डिफाल्टर हुए संचालक

भाजपा के अपात्र संचालकों में उपाध्यक्ष रामचंद्र लोवंशी की झकलाय समिति 12 माह से अधिक समय से कालातीत थी। इन्होंने १२ माह से समिति का पैसा ही नहीं लौटाया था। संयुक्त आयुक्त ने 23 नवम्बर 2017 को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया था। सुशीलाबाई धनवाडा शाखा खिरकिया से 30 सितंबर 2014 को निर्वाचित दिनांक से आवास ऋ ण व उनकी संस्था डिफाल्टर थी। मालकसिंह देवगांव पिपरिया से संचालक रहते कृषि ग्रामीण विकास बैंक से ईटभट्टा के लिए ऋ ण लिया था। वर्ष १९९९ में ७२ हजार का ऋण वो चुका नहीं सके। इन्हें भी 1 दिसंबर 2017 को संयुक्त आयुक्त ने नोटिस जारी किया था। इसी प्रकार सांगाखेडाकला समिति से 11 दिसंबर 2015 को सहयोजित संचालक कुअरसिंह यादव समिति के केश क्रेडिट लिमिट खाद में 33 लाख 29 हजार एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली में 80.15 लाख से डिफाल्टर थी। इसी क्रम में पिपरिया से झूठी जानकारी देकर पूरे समय संचालक का लाभ लेने वाली अरूणा जोशी बैंक में अपात्र रहते हुये संचालक रही। सूत्र बताते हैं कि भाजपा के दबाव में उन पर कार्रवाई नहीं हुई थी।

 

गलत तरह से चला बोर्ड
जिला सहकारी बैंक होशंगाबाद में 18 संचालक जरूरी है, लेकिन नियम एवं विध के विपरीत 8 संचालकों से यह बैंक चलती रही। जबकि एक व्यवस्था के अनुसार आधे से 10 संचालकों के बिना इस बैंक का कोरम पूरा नही होता लेकिन भाजपा सरकार के इन संचालकों द्वारा सरकार एवं संगठन का संरक्षण मिला होने से उपायुक्त, संयुक्त आयुक्त एवं रजिस्टार की मिलीभगत से बोर्ड बिना रोक-टोक चलता रहा।

अभी सिर्फ सूचना मिली है
हमें इस पूरे मामले में अभी सिर्फ सूचना मिली है, अभी तक हमारे पास इस संबंध में कोई आदेश नहीं पहुंचे है। हम पूरे मामले को लेकर जानकारी जुटाएंगे।
- भरतसिंह राजपूत, निवर्तमान अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक होशंगाबाद


जिला सहकारी बैंक के बोर्ड को शुक्रवार को ही भंग कर दिया गया था। अब संचालक मंडल का पूरा अधिकार संयुक्त आयुक्त को दिया गया है।
- आरके दुबे, सीईओ जिला सहकारी बैंक होशंगाबाद

sandeep nayak Desk/Reporting
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