Live Video: बाघ जय का आंतक खत्म, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

दो हाथी, दो जेसीवी की मदद से किया बाघ जय का रेस्क्यू

पिपरिया (होशंगाबाद). बांधवगढ़ से २७ जनवरी को सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किए 3 साल के बाघ 'जयÓ का आंतक अब खत्म हो गया है। बाघ जय आदिवासी अंचल में 3 दिन से छाए बाघ के आतंक का सतपुड़ा टाइगर रिजर्व टीम ने शनिवार शाम अंत कर दिया बाघ जय ने अब तक तीन मवेशियों और एक महिला को अपना शिकार बनाकर आदमखोर बाघ बनकर आतंक मचा रखा था। एसटीआर की तीन टीमों ने सुबह से बाघ रेस्क्यू प्रारंभ किया दो हाथियों और दो जेसीबी मशीनों के जरिए बाघ को ट्रेंकुलाइज करने का ऑपरेशन चलाया गया था। एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी ने बताया बाघ को कुछ देर पहले एस टी आर दल ने ट्रेंकुलाइज कर लिया है बाघ को सुरक्षित अभ्यारण में ले जाया जाएगा। मटकुली के आसपास के रहवासियों में बाघ के पकड़े जाने पर राहत की सांस ली है वही सरकारी स्कूल सोमवार से नियमित लगेंगे।

कॉलर आईडी से चला पता
बाघ जय को एसटीआर के चाकर से पकड़ा गया है। एसडीएम मदनसिंह रघुवंशी ने मौके से इसकी पुष्टि की है। एसटीआर की तीन टीमें कल सुबह से कॉलर आईडी के बेब से ट्रेस कर रही थीं। शनिवार को चाकर गांव में ट्रेक्यूलाइज किया गया है। दो हाथियों का उपयोग किया गया है।

रहवासियों ने ली राहत की सांस
पिछले तीन दिनों से जय के आंतक से आदिवासी अंचलो के ग्रामीणों में दहशत का माहौल था। यहां तक की उन्होंने डर के कारण घर से बाहर भी निकलना बंद कर दिया था। लेकिन तीन के बाद उन्हें बाघ के आंतक से राहत मिली और अब वह वापस अपने काम काज पर ध्यान दे पाएगें।

यह हुआ था बाघ के आंतक का असर
शुक्रवार को मेहंदीखेड़ा गांव में महिला का शिकार करने की सूचना पर पहुंचे ग्रामीणों ने लाठी-डंडे से बाघ को भगाकर महिला का शव छुड़ाया। गुस्साए ग्रामीणों ने मटकुली इको सेंटर पहुंच आगजनी कर तोडफ़ोड़ की। लोगों की नाराजगी को देखते हुए सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की पांच सदस्यों की टीम बाघ के रेस्क्यू के लिए भेजी थी। बाघ को पकडऩे के बाद बाडे़ में रखने का निर्णय लिया है। इस साल एसटीआर में बांधवगढ़ से बाघ-बाघिन का जोड़ा लाए हैं। बाघ 'जयÓ काफी आक्रमक है। टीम को लीड कर रहे एसटीआर के पशुचिकित्सक डॉ. गुरुदत्त शर्मा ने बताया था कि लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है।

देर शाम बाड़े में घुसकर बछड़े पर किया हमला
बाघ जय ने अलसुबह मेहंदीखेड़ा में महिला का शिकार करने के बाद देर शाम पिसुआ गांव के एक बाड़े में घुसकर एक बछड़े को उठाकर ले गया। यह बाड़ा कलीराम राम गौंड का है। बाघ की कॉलर आईडी से उसकी लोकेशन गांव के पास बताई जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि बाघ भूखा इसलिए लगातार शिकार कर रहा है। देर रात एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी, टीआई सतीश कुमार अन्धमान, तहसीलदार राजेश बोरासी की टीम गांव-गांव भ्रमण पर ग्रामीणों को रात में बाहर नहीं निकलने के लिए सचेत करती रही।

सात बच्चों की मां थी सुमेरिया
मेंहदीखेड़ा निवासी सुमरती मवासी (55) खेत किनारे शौच गई थी। तभी बाघ महिला को गले से दबोचने के बाद जंगल में घसीट ले गया। जब महिला काफी देर तक वापस नहीं लौटी तो पति आधार सिंह ने तलाश शुरू की। उसे बाघ झाडिय़ों में सुमरती का शव खाते हुए दिखा। इसके बाद गांव में दहशत फैल गई। सुरमरती के 7 बेटे हैं। चार का विवाह हो चुका है। घटना पर बहू-बेटे मां के शव से लिपटकर घंटों बिलखते रहे।

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शकील खान Incharge
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