जब तक राहत नहीं मिलती तब तक नहीं चलेंगी बसें

बस एसोसिएशन ने कलेक्टर से लगाई गुहार

होशंगाबाद. संभाग के तीनों जिले होशंगाबाद, बैतूल और हरदा में शासन के निर्देश के एक पखवाड़े बाद भी बसों का संचालन शुरू नहीं हो पाया। प्रदेश में धड़ों में बंटे इंदौर-भोपाल के बड़े ऑपरेटर अड़ंगा डाल रहे। यही वजह है कि छोटे मोटर मालिकों पर आर्थिक संकट बरकरार है और अगर जल्द बस सेवाएं शुरू नहीं हुई तो इनका परिवहन व्यवसाय बंद हो जाएगा। आमजन को यात्रा सुविधा मिलने में देरी हो रही है। इसी के मद्देनजर नर्मदापुरम् बस एसोसिएशन ने कलेक्टर से मांग की है कि उन्हें जल्द राहत पैकेज दिया जाए। जिसमें डीजल की मूल्यवृद्धि और लॉकडाउन के तीन माह का टैक्स माफ करने की बात कही है। एसोसिएशन का कहना है कि जब तक राहत नहीं मिलती तब तक बसें चलाना घाटे का सौदा साबित होगा।


टैक्स छूट की मांग
नर्मदापुरम् बस एसोसिएशन के संभागीय अध्यक्ष राकेश फौजदार, जिलाध्यक्ष कपिल फौजदार, जिला सचिव संजय शिवहरे सहित अन्य सदस्यों ने कलेक्टर धनंजय सिंह को दिए ज्ञापन में मांग की है कि कोविड-19 महामारी के चलते प्रदेश व संभाग में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवाएं 22 मार्च से बंद हैं। डीजल के रेट भी 10 रुपए लीटर बढ़ चुके हैं, ऐसे में किराया बढ़ाया जाए।

फिर शुरू हो सके
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा है कि केंद्रीय लॉकडाउन नीति के अनुसार छत्तीसगढ़, पंजाब, यूपी, झारखंड, कर्नाटक, गुजरात एवं हिमाचल प्रदेश में तीन से छह माह तक के मोटर वाहन टैक्स माफी की तरह मप्र में भी छूट व राहत दी जानी चाहिए। साथ ही कोरोना संक्रमण के चलते जो ऑपरेटर बसें नहीं चलाना चाहते हैं, उन्हें कम से कम छह माह तक वाहन सरेंडर की छूट दी जाए। लॉकडाउन के बाद वाहन संचालन की नीति भी बने, ताकि परिवहन व्यवसाय फिर शुरू हो सके।

KRISHNAKANT SHUKLA
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