यदि आप कर रहे हैं सीए बनने की तैयारी, तो है आपके लिए खुशखबरी

जीएसटी और न्यू कंपनी एक्ट से बढ़ी सीए की डिमांड

By: sandeep nayak

Published: 01 Jul 2019, 01:23 PM IST

होशंगाबाद। आज कामर्स की पढ़ाई करने वाला हर युवा चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने का सपना देख रहा है। इसका कारण है जीएसटी के बाद सीए की मांग बढऩा है। हलांकि सीए बनने तक का सफर भी उतना ही मुश्किल है। इसके लिए वह दिनरात पढ़ाई भी कर रहे हैं। आज चार्टर्ड अकाउंटेंट-डे हैं। हम आपको कुछ सीए से रूबरू करा रहे हैं।

सीए का कहना है कि अगर युवा सीए की ओर जाते हैं तो उन्हे सबसे पहले इनोवेटिव सोच रखनी पड़ेगी। आज जीएसटी के बाद उनके सामने चुनौतियां भी बढ़ गई हैं।

 

जीएसटी और उसके आने वाले सर्विस बढ़ाएगा डिमांड
सीए के अनुसार आने वाले समय में बच्चों को इस फील्ड में काफी अवसर मिल सकते हैं। या यूं कहें कि अभी भी मिल रहे हैं। अब जीएसटी लागू होने के बाद तेजी से सीए की डिमांड बढ़ी है। आने वाले कुछ सालों में इनकी डिमांड और बढ़ेगी। बड़े- बड़े पुराने व्यापारियों को जीएसटी का ज्ञान नहीं होने के कारण यह सीए की मदद ले रहें हैं।

 

क्या कहते हैं सीए
पिता से सीखा काम
सीए अमन अग्रवाल बताते हैं कि उन्होंने अपने पिताजी के साथ मिलकर अकाउंट का काम सीखा। 1996 में उन्होंने सीए की पढ़ाई पूरी की। उनका पास होना और इसी लाइन में जाना मूल मंत्र था। तो पास हुए और आज एक बड़े सीए के नाम से जाने जाते हैं। इनका मैन मोटिव क्लाइंट का ग्रो करना है। अब बेटा और बेटी भी मुंबई से सीए की पढ़ाई कर रहे है।
अमन अग्रवाल

 

चुनौतियों के साथ फायदे भी
गोल्डी मोलासरिया ने बताया कि उनके और व्यापारियों के सामने जीएसटी के बाद कई चुनौतियां आई थी। लेकिन फिर भी किया। जीएसटी के पहले काम करना सरल होता था। अब थोड़ा कठिन हुआ। अब हर माह रिर्टन फाइल तैयार करनी होती है। चुनौतियों के साथ हमें फायदे भी मिलते हैं।
गोल्डी मोलासरिया

sandeep nayak Desk/Reporting
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