यहां महिलाएं हुई जागरूक, बच्चों की जन्मजात विकृति में आई 40 फीसदी तक कमी

प्रसव के समय महिलाएं समय-समय पर कराती है स्वास्थ्य परीक्षण

By: poonam soni

Published: 03 Dec 2019, 11:55 AM IST

होशंगाबाद. मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले में अब बच्चों की जन्मजात विकृतियों में कमी आ रही है। पिछले पांच सालों में यहां करीबन 40 प्रतिशत तक की कमी आई है। स्वास्थ्य केन्द्रों में बढ़ती स्वास्थ्य सुविधाएं और महिलाओं की जागरुकता से नवजात में होने वाली जन्मजात विकृतियां कम हो गई। जिला पुर्नवास केन्द्र के आंकड़ों के हिसाब से कुछ वर्षों में जन्मजात विकृतियों में 40 फीसदी कमी आई है। जिला पुर्नवास केंद्र के आकड़े बताते है कि 2015-16 में संख्या 3722 थी जबकि 2019 में घटकर 924 रह गई है। इसका सबसे बड़ा कारण हर माह गर्भवती महिला का स्वास्थ्य परीक्षण कराना है।

पहले दो से ज्यादा बच्चे थे अब आई कमी
डॉ. श्रुति मालवी ने बताया कि पहले जागरूकता की कमी के चलते लोग दो से ज्यादा बच्चे को जन्म देते थे। और महिलाओं को सही पोषण आहार नहीं मिलने से कुपोषित बच्चों की संख्या भी बढ़ी थी। इसके कारण मानसिक मंदता, मानसिक रोगी और अस्थि बाधित बच्चे पैदा होते थे। हालांकि अब गर्भवती महिला की हर चौथे माह के शुरू में सोनोग्राफी व खून की जांच कराने के लिए अस्पताल बुलाया जाता है। जिसमें जाचं के दौरान शरीर में आई कमी के बारे में पता चल जाता है। इसलिए जन्मजात विकृतियों में तेजी से कमी आई है।

विकलांगों की संख्या
वर्ष- दृष्टिबाधित- अल्पदृष्टिवाधित श्रृवण वाधित अस्थि बाधित मानसिक मंदता मानसिक रोगी कुल
2015-16 105 239 216 2217 831 114 3722
2016-17 204 273 562 1869 1331 46 4285
2017-18 58 119 238 799 199 6 1419
2018-19 76 193 521 1058 282 0 1860
2019- अक्टूबर तक 400 68 154 550 112 0 924


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