Collector-SDM controversy : सीएस को जांच में मिली खामी, कमिश्नर से दोबारा मांगी रिपोर्ट

Collector-SDM controversy : सीएस को जांच में मिली खामी, कमिश्नर से दोबारा मांगी रिपोर्ट
Collector-SDM controversy : सीएस को जांच में मिली खामी, कमिश्नर से दोबारा मांगी रिपोर्ट

Amit Kumar Shrama | Updated: 17 Sep 2019, 11:42:43 AM (IST) Hoshangabad, Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

मुख्य सचिव के निर्देश पर रेत को लेकर लगे आरोपों की जांच शुरू, रात तक नहीं मिली थी रिपोर्ट

होशंगाबाद/कलेक्टर शीलेंद्र सिंह और एसडीएम रवीश श्रीवास्तव के बीच हुए विवाद की मुख्य वजह रेत थी लेकिन संभागायुक्त की जांच रिपोर्ट में इसका कोई विशेष उल्लेख ही नहीं किया गया। न तो कलेक्टर पर रेत को लेकर लगे आरोपों की तस्दीक की गई और न ही उस पर अभिमत दिया गया। इस पर मुख्य सचिव एसआर मोहंती ने संभागयुक्त रवींद्र मिश्रा को छूटे गए बिंदुओं पर जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद संभागयुक्त ने एक टीम बनाकर भाजपा विधायक के भतीजे वैभव शर्मा के रेत स्टाक की जांच के लिए भेजी। रात तक टीम ने अपनी रिपोर्ट नहीं दी थी। कलेक्टर पर एसडीएम ने आरोप लगाया था कि शर्मा से सांठगांठ कर उनके रेत स्टाक को दोगुना अधिक बताया गया है, जबकि वहां इतनी रेत ही मौजूद नहीं है।

सूत्र बताते हैं संभागयुक्त की जांच रिपोर्ट का परीक्षण करने पर मुख्य सचिव ने उसमें खामियां पाई। जांच दोनों के बीच बंगले पर हुए विवाद पर केंद्रित होकर रह गई थी, जबकि उसमें रेत पर कार्रवाई नहीं करने और उनसे कथित सांठगांठ के गंभीर आरोप भी थे। इसके बाद सीएस ने रेत से जुड़े आरोपों पर बिंदु बार दोबारा जांच कर रिपोर्ट देने का कहा। कमिश्रर ने खनिज, राजस्व और प्रशासनिक अधिकारियों का एक दल बनाकर वैभव शर्मा के कुलामढ़ी स्थित रेत स्टाक की जांच के लिए भेजा गया। साथ ही दल को सख्त हिदायत दी कि उन्हें सही रिपोर्ट दें। इस मामले में रेत ठेेकेदार वैभव शर्मा ने कुछ भी प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया। ज्ञात रहे कि पूर्व विधायक गिरिजाशंकर शर्मा के बेटे वैभव और बिल्डरों के भी कमिश्रर ने बयान लिए थे, जिसमें उन्होंने कलेक्टर का पक्ष लेते हुए एसडीएम पर आरोप लगाए थे।
टली कार्रवाई, आज हो सकता है निर्णय
मुख्यमंत्री कमलनाथ भी भोपाल पहुंच गए हैं। लेकिन जांच में खामियों को देखते हुए सोमवार को दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई का अंतिम निर्णय नहीं हो सका। सूत्र बताते हैं कि मंगलवार को मुख्य सचिव रिपोर्ट के साथ मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे। इसके बाद दोनों ही अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।
मुख्य सचिव ने पूरी रिपोर्ट नहीं बल्कि एक बचे हुए हिस्से की जांच कर देने का कहा है। उच्चाधिकारियों द्वारा चाही गई जानकारी की रिपोर्ट भी जल्द ही भोपाल भेज दी जाएगी।
रवींद्र मिश्रा, आयुक्त नर्मदापुरम

अवैध उत्खनन पर भी नहीं हुई थी कार्रवाई
खनिज और राजस्व अमले ने 2९ मई को रायपुर रेत खदान क्रमांक 26 पर अवैध उत्खनन एवं परिवहन की सूचना पर छापा मारा था। यहां से 17 डंपर जब्त किए थे। दस दिन बाद खनिज निरीक्षक ने अपने प्रतिवेदन में 17 में 13 डंपरों को छोडऩे और अन्य चार पर खदान से बाहर रेत भरते पाए जाने पर कार्रवाई की सिफारिश की थी। इस आधार पर एसडीएम ने चार डंपर (एमपी 09 -एचएच 6650 , एमपी 09 एचजी, 9943, एमपी09 एचएच 0611 और एमपी04 एचई 2890) को छोड़कर अन्य सभी को उनके मालिकों के सुपुर्द करने के लिए देहात टीआई का पत्र लिखा था। सूत्र बताते हैं कि बाद में इन चार डंपरों पर जुर्माना लगाकर छोड़ दिया, जबकि अवैध उत्खनन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबकि उनके साथ अन्य खदानों से पकड़े गए डंपरों पर कार्रवाई के साथ खदान ठेकेदारों पर अवैध उत्खनन कर जुर्माना लगाया गया था। इस मामले में यह भी सवाल खड़ा होता है कि जब सीमा से बाहर डंपर थे तो जब्त कर क्यों लाए और यदि लाए थे तो करीब एक सप्ताह बाद जून में क्यों छोड़े तभी क्यों नहीं। खदान संचालक अवैध उत्खनन की कार्रवाई क्यों नहीं की?

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