कलेक्टर और एसडीएम विवाद : दोनों हटना तय, दोनों की विभागीय जांच की भी तैयारी

कलेक्टर और एसडीएम विवाद : दोनों हटना तय, दोनों की विभागीय जांच की भी तैयारी
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Sandeep Nayak | Updated: 18 Sep 2019, 01:58:51 PM (IST) Hoshangabad, Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

संभागायुक्त आरके मिश्रा की दूसरी जांच रिपोर्ट मंगलवार को मंत्रालय पहुंची

होशंगाबाद/भोपाल/कलेक्टर शीलेंद्र सिंह और एसडीएम रवीश श्रीवास्तव का हटना लगभग तय हो गया है। इसके अलावा दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी बैठाई जा सकती है। होशंगाबाद संभागायुक्त आरके मिश्रा की दूसरी जांच रिपोर्ट मंगलवार को मंत्रालय पहुंच गई। मुख्य सचिव एसआर मोहंती व जीएडी-कार्मिक विभाग की प्रमुख सचिव दीप्ति गौड़ मुखर्जी बुधवार को दिल्ली से देर शाम तक लौटेंगे। इसलिए उनके लौटने के बाद इस पर एक्शन होगा। इसके चलते गुरुवार तक दोनों अफसरों को हटाने के आदेश जारी हो सकते हैं।
सामान्य प्रशासन-कार्मिक विभाग की प्रमुख सचिव दीप्ति गौड़ मुखर्जी के निर्देश पर विवाद की मुख्य वजह रेत की दोबारा जांच कर्र गई है। दोबारा जांच में कुछ गड़बडिय़ां पाई गई है, जिसके चलते दोनों अफसरों पर जांच बैठाने का निर्णय हो सकता है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक जिस टीम को विधायक के भतीजे वैभव शर्मा की रेत खदान के स्टाक की जांच करने भेजा, उसमें अधिकांश अधिकारी वे ही थे, जिन्होंने सबसे पहले स्टाक पर रेत की मात्रा की रिपोर्ट दी थी। पहले लगभग 80 हजार घन मीटर रेत बताई गई थी। एसडीएम ने शिकायत में आरोप लगाया है कि कलेक्टर सिंह के दबाव में दोगुना से ज्यादा मात्रा रिकार्ड में बताई गई। कलेक्टर और एसडीएम के बीच हुए विवाद की मुख्य वजह यही थी लेकिन दोबारा की गई जांच भी सवालों के घेरे में है। क्योंकि यदि वह दूसरी रिपोर्ट में रेत की मात्रा में अधिक अंतर बताते हैं तो उनकी पहली रिपोर्ट गलत साबित होगी। जिससे वे खुद जांच एवं कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। हालांकि कमिश्नर रवींद्र मिश्रा ने कहा कि जांच में कुछ तथ्य मिले हैं।

एसडीएम ने कर दिया था साइन करने से मना

प हली बार जब खनिज अमला, नायब तहसीलदार और एसडीएम रेत स्टाक की जांच करने गए थे, तब खनिज अफसर और एसडीएम के बीच विवाद भी हुआ था। सूत्र बताते हैं कि तत्कालीन एसडीएम रवीश श्रीवास्तव ने मौके पर कम स्टाक होने और रिकार्ड में रेत की मात्रा ज्यादा दर्ज करने पर एतराज जताते हुए हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया था। इस बात से खनिज अधिकारी अर्चना ताम्रकार और श्रीवास्तव के बीच विवाद हुआ था। तब एसडीएम ने कहा था कि वह नायब तहसीलदार ललित सोनी से हस्ताक्षर करा लें, वे भी वहां मौके पर थे।

स्टॉक की जांच में लग गए 24 घंटे
कलेक्टर-एसडीएम के बीच विवाद की रिपोर्ट महज छह घंटे में जांच पूरी कर भेजने वाले कमिश्रर मिश्रा को पूर्व विधायक गिरिजाशंकर शर्मा के पुत्र वैभव शर्मा के कुलामढ़ी स्थित स्टॉक की जांच कर रिपोर्ट भेजने में 24 घंटे लग गए।
इन आरोपों की जांच
कम स्टाक को ज्यादा बताया।
सिर्फ पूर्व विधायक के स्टाक की ही ईटीपी प्रतिबंध के बाद देर तक खुली रही।
फर्जी रायल्टी के माध्यम से सरकार को करोड़ों का चूना लगाया।
अधिकारियों के दल से स्टॉक की पुन: जांच कराई गई थी। जिसकी रिपोर्ट मिल गई है। इसका अध्ययन कर ड्रॉफ्ट शासन को भेजा है। जांच रिपोर्ट में कुछ तो है लेकिन अंतिम निर्णय शासन स्तर से ही होगा।
रविंद्र मिश्रा, कमिश्रर नर्मदापुरम् संभाग

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