यहां कोरोना वायरस बेअसर! फिर चालू हो सकेंगी रेत खदानें, सरकार ने दिए आदेश

शासन ने कलेक्टर-एसपी को दिए अनुमति देने के आदेश

होशंगाबाद। कोराना वायरस को लेकर लाक डाउन के बीच शासन ने रेत खदानों को शुरू करने की मंजूरी दे दी है। इससे होशंगाबाद जिले की खदानें फिर शुरू
हो सकेंगी। यहां काम करने वाले मजदूरों को भी नहीं रोकने का कलेक्टर और एसपी को आदेश दिए गए हैं। इससे एक बार फिर रेत का वैध कारोबार शुरू हो
सकेगा। अभी रेत माफिया रात में प्रशासन की मिली-भगत से अवैध रेत का स्टाक कर रहा है।
खाद्य, नागरिक आपूर्र्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय के संचालक अविनाश लवानिया ने गुरुवार को सभी कलेक्टर और एसपी को आदेश जारी किए हैं।
जिसमें रेत खदानों, स्टोन क्रेसर, सीमेंट तथा अन्य सामग्री आदि की यूनिट को कोराना संक्रमण सुरक्षा व्यवस्था के साथ चालू रखने की अनुमति दी जाए।
इनकी आवाजाही भी नहीं रोकी जाए।

इन्हें भी मिलेगी अनुमति
निजी वेयरहाउस संचालको, निजी केप निर्माण, साइलो बैग बनाने व्यवसायियों, निवेशक, केदारों एवं उनके प्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों को भी कार्य स्थल पर उपस्थिति और आवागमन से नहीं रोका जाए।

कोरोना वायरस के कारण बंद कर दी थी खदानें
कोरोना वायरस का असर रेत खदानों पर भी नजर आने लगा था। जनता कर्फ़्यू के बाद अधिकांश वैैैध गानों को उनके संचालकों ने बंद कर दिया था। खदानों में न तो डंपरों की आवाजाही हो रही है और न ही मजदूरों की। लॉक डाउन की वजह से राजस्थान से मप्र आने वाले भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। जिसका असर रेत खदानों पर पड़ा है। ज्ञात रहे कि राजस्थान व इंदौर-भोपाल से आने वाले डंपर, ट्रकों में रेत भरकर ले जाया जाता था, लेकिन लॉक डाउन की वजह से अब भारी वाहनों की आवाजाही बंद है। इसी वजह से रेत खदानों में सन्नाटा पसरा है।
जिला खनिज अधिकारी महेंद्र पटेल ने बताया कि वर्तमान में जिले में कार्पोरेशन की 9 और पंचायतों की 9 खदानें संचालित हैं। लॉक डाउन की वजह से रेत उत्खनन लगभग पूरी तरह बंद है।

कोरोना वायरस
बृजेश चौकसे Editorial Incharge
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