कोरोना पाॅजिटिव निकले सिपाही ने झूठ बोल की यात्रा, अन्य लोगों की रिपोर्ट से बढ़ सकती हैं मुश्किलें!


इंदौर में डीआईजी होसंगाबाद के बेटे के लिए खाना बनाने वाले सिपाही के प्रकरण में नए नए तथ्य आ रहे सामने

 

गुना/होसंगाबाद/इंदौर। डीआईजी के बेटे (DIG's son)का खाना बनाने वाले आरक्षक के कोरोना पाॅजिटिव (Constable corona positive) होने के बाद नए नए तथ्य सामने आ रहे हैं। उज्जैन (Ujjain)में तैनात इस आरक्षक के इंदौर (Indore) में ड्यूटी बजाने के बाद अब तथ्य छुपाकर यात्रा (Constable travelled with fake info)करने का भी मामला उजागर हुआ है। ‘पत्रिका’ के पास उपलब्ध दस्तावेज के अनुसार इंदौर में डीआईजी अरविंद सक्सेना के बेटे का खाना बनाने से छुट्टी मिलने के बाद उसने जानकारी छुपाकर यात्रा की। हालांकि, अब वह क्वारंटीन है। लेकिन यात्रा के दौरान जिनके भी संपर्क में रहा उनको क्वारंटीन कराना आैर उनकी ट्रेवल हिस्ट्री निकालना मुश्किलों भरा है। अव्वल यह कि इन सबकी रिपोर्ट भी परेशानी बढ़ा सकती है।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार चाचौड़ा में एक पाॅजिटिव केस मिलने के बाद पुलिस प्रशासन ने 22 अप्रैल से सख्ती कर दी थी। इसी दौरान आरक्षक विजय शर्मा (Constable Vijay Sharma) इंदौर से बाइक से गांव जा रहा था। गांव जाते वक्त टोल टैक्स (toll tax)पर पुलिस चेकिंग के दौरान उसने जानकारी छुपाते हुए झूठ बोला कि वह शासकीय कार्य से ब्यावरा से बीनागंज जा रहा है। बीनागंज घोड़ा पछार के पास टोल टैक्स के रजिस्टर में भी उसने यात्रा का विवरण शासकीय कार्य ही दर्ज किया है।
आरक्षक की लापरवाही यहीं खत्म नहीं होती। गैर जनपद से आने की स्वास्थ्य विभाग को सूचना दिए बगैर वह छह दिनों तक गांव में रहा। बेपरवाह होकर घूमता रहा, लोगों से मिलता रहा। बताया जा रहा है कि गांव में रहने के दौरान वह एक शादी में भी शामिल हुआ। गांव में एक भंडारा हुआ था इसमें भी आरक्षक विजय शर्मा ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए प्रसाद का वितरण खुद ही किया। इस भंडारे में मधुसूदनगढ़ के रहने वाले आरक्षक के रिश्तेदार भी आए थे।

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डीआईजी के बेटे का खाना बनाता था आरक्षक

डीआईजी होशंगाबाद अरविंद सक्सेना (DIG Hoshangabad Arvind Saxena)के बेटे के लिए खाना बनाने वाला सिपाही कोरोना टेस्ट में पाजिटिव निकला है। सिपाही डीआईजी के बेटे के लिए इंदौर में उनके घर खाना बनाता था। खाना बनाने वाला आरक्षक विजय शर्मा गुना जिले के चाचौड़ा के बापचा लहरिया का रहने वाला है। डीआईजी के परिवारवालों के मुताबिक 20 अप्रैल को वह आखिरी बार खाना बनाने गया था।

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आरक्षक ने बताया कि इंदौर शहर का माहौल कोरोना की वजह से दिन ब दिन खराब होता जा रहा था। इस वजह से उसने छुट्टी ले ली और 22 अप्रैल को गांव जाने का निर्णय लिया। फिर वह गुना स्थित गांव जाने को बाइक से ही निकल पड़ा। जानकारी के मुताबिक गांव पहुंचने के बाद वह छह दिनों तक सामान्य तरीके से रहा। 28 अप्रैल को स्वास्थ्य महकमा को उसके बाहर से आने की सूचना हाथ लगी। स्वास्थ्य विभाग के लोगों ने गांव पहुंचकर सिपाही को अस्पताल पहुंचाया। वहां उसे आईसोलेशन में रखने के साथ सैंपल जांच को भेजा गया। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद हड़कंप मच गया। सिपाही कोरोना पाॅजिटिव निकला। आईसोलेशन में सिपाही करीब नौ दिनों से था। गुरुवार को रिपोर्ट आई। रिपोर्ट आने के बाद कलक्टर एस. विश्वनाथन और एसपी तरुण नायक देर रात जिला अस्पताल पहुंचे और सीएमएचओ से मामले की जानकारी ली थी।

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धीरेन्द्र विक्रमादित्य
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