महामारी से निपटने पुलिस ने बनाई यह स्पेशल टीम, जाने क्या है खासियतें...

विशेषज्ञों ने दी ट्रेनिंग, स्पेशल किट से लैस रहेगी क्विक रिस्पॉन्स टीम

भोपाल। पुलिस मुख्यालय ने हर जिले को महामारी से निपटने के लिए एक-एक स्पेशल टीम बनाने के निर्देश दिए हैं। यह टीम आपात स्थिति में पुलिस के साथ-साथ डाक्टर की भूमिका में भी रहेगी। प्रारंभिक उपचार से लेकर संक्रमण का शिकार हुए शख्स को अस्पताल तक पहुंचाने का काम करेगी। इसे चिकित्सकों द्वारा इसके लिए ट्रेंड किया गया है। सबसे पहले चालीस सदस्यीय दल इंदौर पुलिस ने तैयार किया है। टीम को विशेषज्ञों ने न केवल ट्रेंड किया बल्कि उन्हें स्वयं की वायरस से रक्षा के टिप्स भी दिए। विदेशों की तर्ज पर उन्हें पूरी तरह स्पेशल किट से लैस किया गया है।
ऐसी होगी एसटीएफ
आईजी इंदौर विवेक शर्मा ने बताया कि डीजीपी विवेक जौहरी के निर्देश पर जिलों में महामारी फैलने की स्थिति में स्पेशल टास्क फोर्स का भी गठन किया गया है। इंदौर में 40 सदस्यीय स्पेशल टीम तैयार की गई है, जो आपात स्थिति में मैदान में उतरेगी। इसे डॉ. आचार्य ने हालातों से निपटने के लिए ट्रेनिंग दी है। टीम को स्पेशल किट दी गई हैं ताकि वह संक्रमण से बच सके। उन्हें हालातों से निपटने के लिए तैयार किया गया है। महामारी फैलने पर टीम को क्या करना है, यह विशेषज्ञों ने बताया है।

मास्क और सेनिटाइजर बना रही पुलिस
आईजी इंदौर विवेक शर्मा ने बताया कि पुलिस ने लाइन में स्थित पुलिस वेलफेयर ट्रेनिंग सेंटर में 40 महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण दिया गया था। 25 महिला नव आरक्षकों को भी सिलाई का काम आता है। इन्हें मास्क बनाने के लिए कपड़ा उपलब्ध कराया गया। एक दिन में पांच हजार मास्क बनाए। तीन दिन में 16 हजार मास्क बनाकर पुलिसकर्मियों को बांटे गए हैं। एक-एक पुलिसकर्मी को तीन-तीन मास्क अलग-अलग रंग के बनाकर दिए जा रहे हैं। पुलिस लाइन में 20 जवान डब्ल्यूएचओ के फार्मूले से सेनिटाइजर भी बना रहे हैं, जो पुलिसकर्मियों को वितरित किया जा रहा है। थानों में 10-10 हैंड वॉस और 10-10 साबुन दी गई हैं।

बाजार में मास्क नहीं मिल रहे हैं। जो मिल रहे हैं वे सुरक्षित नहीं थे। हमने उन महिला आरक्षक जो सिलाई का काम जानती हैं। उनसे एक दिन में ही पांच हजार मास्क तैयार करा लिए। यह मास्क बाजार में मिल रहे मास्क से ज्यादा सुरक्षित हैं। अब दूसरे रंग में मास्क बनवाए जा रहे हैं ताकि यह भी चेक कर सकें कि कहीं पुलिसकर्मी एक ही मास्क का तो लगातार उपयोग तो नहीं कर रहे हैं। इन मास्क को धोकर दोबारा उपयोग किया जा सकता है।
विवेक शर्मा, आईजी इंदौर

पीएचक्यू ने दिए जिलों को 1.18 करोड़
पुलिस मुख्यालय ने अपने मैदानी अमले को कोरोना वायरस की चपेट में आने से बचाने के लिए जिलों को 1.18 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। ताकि सभी जिले अपनी जरूरत के हिसाब से मास्क और सेनिटाइजर का इंतजाम कर सकें। छोटे जिलों को डेढ़-डेढ़ लाख रुपए दिए गए हैं। डीजीपी विवेक जौहरी ने सभी आईजी, डीआईजी और एसपी को निर्देश दिए हैं कि मैदानी अमला खुद भी सावधानी बरते। मास्क का उपयोग करे। जेब में सेनिटाइजर रखे, जिससे समय-समय पर हाथ साफ करे।
-फैक्ट फाइल
प्रदेश में स्वीकृत बल- 1.25 लाख
खाली पद - 22355
थाने एवं पुलिस चौकियां 1600 से अधिक
मैदानी अमला - 85000
थानों में तैनात अमला - 56000

नर्मदापुरम रेंज 1200 जवान तैनात
रेंज के चार जिलों होशंगाबाद, बैतूल, हरदा और रायसेन में 1200 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी फील्ड में तैनात हैं। डीआईजी होशंगाबाद अरविंद सक्सेना ने बताया कि पीएचक्यू से चारों जिलों में पुलिस बल को मास्क एवं सेनिटाइजर उपलब्ध कराने के लिए डेढ़-डेढ़ लाख रुपए मिले हैं। सभी को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की मदद एवं बाजार से खरीदकर मास्क और सेनिटाइजर उपलब्ध कराया गया है। जेल में बने मास्क लिए गए हैं। पुलिस अमला अपनी सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है।
भोपाल में 5000 जवान तैनात
जिले में तैनात पांच हजार पुलिसकर्मियों को बाजार से मास्क खरीदकर उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही सेनेटाइजर भी दिया गया है।
विक्रम सिंह रघुवंशी, डीएसपी लाइन भोपाल

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बृजेश चौकसे
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