रिकॉर्ड: पहली बार अगस्त में आठ हजार मेगावाट पहुंची बिजली की डिमांड

सारनी में सात माह से बंद 6 नंबर इकाई लाइटअप करने की तैयारी

By: harinath dwivedi

Published: 18 Aug 2017, 09:21 PM IST

सारनी। रिजर्व शट डाउन में अक्सर बंद रहने वाली विद्युत इकाइयां एक-एक कर चालू करने की प्रक्रिया सतपुड़ा ताप विद्युत गृह प्रबंधन ने शुरू कर दी है। प्रदेश में बिजली की मांग बढ़कर 8 हजार मेगावाट तक जा पहुंची है।
खासबात यह है कि पहली बार अगस्त माह में बिजली की मांग बढ़कर ८ हजार मेगावाट तक जा पहुंची। सामान्य तौर पर अगस्त में बिजली की डिमांड 5 से 6 हजार मेगावाट तक रहती है। जुलाई और अगस्त माह में हुई अल्प वर्षा के चलते प्रदेश में बिजली की मांग बढ़ी है। बारिश नहीं होने से हालात कुछ ऐसे निर्मित हो गए हैं कि 2 हजार मेगावाट तक डिमांड बढ़ गई है। जिसकी पूर्ति के लिए पॉवर मैनेजमेंट कंपनी द्वारा थर्मल पॉवर स्टेशनों की उन विद्युत इकाइयों को चालू करने के आदेश जारी किए हैं जो पिछले कई महीनों से रिजर्व शट डाउन में बंद है। या फिर जिनकी प्रति यूनिट विद्युत उत्पादन लागत कम है।

फुल लोड पर चली २५० मेगावाट की १० नंबर इकाई, 444 मेगावाट उत्पादन
प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े थर्मल पॉवर स्टेशन सारनी से गुरुवार को 444 मेगावाट विद्युत उत्पादन हुआ। 250 मेगावाट की 10 नंबर इकाई दिनभर फुल लोड पर चली। वहीं 210 की 8 नंबर इकाई को 194 मेगावाट के लोड पर चलाया गया। दोनों इकाइयों से 444 मेगावाट उत्पादन हुआ। वहीं 210 की 9 नंबर व 250 की 11 नंबर इकाई इन दिनों वार्षिक संधारण कार्य के चलते बंद है।
वाटर वॉल्व में लीकेज से बंद हुई थी 8 नंबर यूनिट
8 नंबर यूनिट बुधवार को वाटर वाल्व में लीकेज से बंद हो गई थी। इकाई बंद होते ही बिजली उत्पादन घटकर 250 मेगावाट पर आ गया। तत्काल कंपनी के इंजीनियरों ने सुधार कार्य कर गुरुवार सुबह 10 बजे 210 मेगावाट की इकाई को लोड पर ली। यह इकाई 194 मेगावाट के लोड पर चल रही है। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह की 6 नंबर इकाई 22 फरवरी से रिजर्व शट डाउन में बंद है। सबकुछ ठीक रहा तो २०० मेगावाट की यह इकाई शुक्रवार तक यह इकाई बिजली उत्पादन के लिए तैयार रहेगी। सतपुड़ा के इंजीनियर संभावना व्यक्त कर रहे हैं कि बिजली की मांग और बढऩे पर 210 मेगावाट की 7 नंबर इकाई भी चालू की जा सकती है।

खपत बढऩे से कोयला संकट गहराने के आसार
ज्ञात हो कि इन दिनों प्रदेश में बिजली की रिकार्ड मांग बढ़ रही है। ऐसे में सतपुड़ा पावर प्लांट की बंद इकाइयां चालू करने का सिलसिला शुरू हो गया है। बिजली की डिमांड पूरी करने के लिए प्रदेश के थर्मल प्लांटों में कोल स्टॉक जरूरी है। फिलहाल सतपुड़ा के पास एक लाख टन कोल स्टॉक है। लेकिन सभी इकाइयां चालू होने पर रोजाना खपत बढऩे से कोयला संकट गहराने के आसार बन जाएंगे। अभी से सतपुड़ा प्रबंधन द्वारा कोयले का स्टॉक नहीं बढ़ाया गया तो आने वाले दिनों में कोयले की कमी से प्लांट को जूझने से नहीं बचाया जा सकता।

प्रदेश में बिजली की मांग बढ़कर 8 हजार मेगावाट तक जा पहुंची है। सामान्य तौर पर अगस्त माह में बारिश होती है। इससे डिमांड साढ़े 5 हजार मेगावाट के आसपास रहती है। डिमांड बढऩे पर 7 माह से बंद 6 नंबर इकाई को भी लाइटअप किया जा रहा है। 8 नंबर यूनिट सुबह 10:30 बजे लोड पर ली है।
वीसी टेली, पीआरओ, पॉवर हाउस सारनी

harinath dwivedi Editorial Incharge
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