स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे के बावजूद शहर बदहाल

-स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे में बेहतर प्रदर्शन के लिए एक दर्जन से ज्यादा श्रेणियों में निर्धारित किया है जुर्माना

By: Rahul Saran

Published: 07 Jan 2019, 01:09 PM IST

 

होशंगाबाद। स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे २०१९ के तहत देश के स्वच्छ शहरों की फेहरिस्त में शामिल होने के लिए होशंगाबाद नगरपालिका भी तमामा जतन कर रही है। नपा प्रशासन ने गंदगी और अव्यवस्थाओं पर लगाम कसने के लिए एक दर्जन से ज्यादा कैटेगिरी चिन्हित की हैं जिनकी वजह से शहर गंदा नजर आता है। इन सभी कैटेगिरियों में नपा प्रशासन ने जुर्माने का प्रावधान भी किया है। सभी चिन्हित कैटेगिरियों में जुर्माने का यह प्रावधान कागजों में ही सिमटा हुआ है, फील्ड कचरा फेंकने से लेकर निर्माण सामग्री पटकने तक की मनमानी हो रही है मगर नपा प्रशासन ठोस कार्यवाही करते नजर नहीं आ रहा है।इस माह आएगी टीमस्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे २०१९ के तहत केंद्रीय स्तर से एक टीम शहर में स्वच्छता का जाएजा लेने आएगी। होशंगाबाद में इसी माह जनवरी में यह टीम आकर सर्वे करेगी और शहर के तमाम चिन्हित स्थानांे का जाएजा लेगी। मौके से ही उन स्थानों पर स्वच्छता की स्थिति के फोटोग्राफ लेकर दिल्ली भेजे जाएंगे। सर्वे पूरा होने के बाद नपा को अंक प्रदान किए जाएंगे जिसके आधार पर होशंगाबाद नपा का स्थान तय होगा बावजूद उसके शहर में स्वच्छता को लेकर जो गंभीरता बरतना चाहिए वह नहीं दिख रही है। स्वच्छता की बातें बैनर-पोस्टरों और कचरा गाडि़यांेके अलावा कहीं पर अमल होते नहीं दिख रही हैंं।एक दर्जन से ज्यादा श्रेणियां, किया जुर्माने का प्रावधानस्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे २०१९ के तहत नपा प्रशासन ने शहर को स्वच्छ बनाने के लिए एक दर्जन से ज्यादा श्रेणियां बनाई हैं जिनमें जुर्माने का प्रावधान कर रखा है। इनमें सार्वजनिक स्थानों पर रासायनिक अपशिष्ट या हानिकारक द्रव्य बहाने, होटल-रेस्टॉरेंट या मैरिज गार्डनों का कचरा फेंकने, खुले में शौच, सड़क पर निर्माण सामग्री पटकने सहित अन्य श्रेणियां बनाई गई हैं। इन श्रेणियों में न्यूनतम ५० रुपए से लेकर अधिकतमक ५०० रुपए जुर्माने का प्रावधान किया गया है। हकीकत यह है कि इन सभी श्रेणियों मंे स्वच्छता की धज्जियां उड़ रही हैं मगर नपा प्रशासन ने अब तक सख्ती से जुर्माना अधिरोपित करने का कदम ही नहीं उठाया है। महज ४९ हजार रुपए का जुर्माना वसूलकर नपा खुद की पीठ थपथपा रही है।कुछ खास श्रेणियांे पर नजरसड़क पर निर्माण सामग्री- जुर्माना राशि करीब २५०खुले में शौच- २५० से ५०० रुपएसब्जी विक्रेताओं द्वारा गंदगी फैलाने पर- ५० से १०० रुपएअमानक/प्रतिबंधित पॉलीथीन उपयोग पर- २०० से ४०० रुपएकिसने क्या कहाशहर में रिहाइशी बस्तियों में ही कचरे के ढेर लग रहे हैं। आवारा मवेशी उन्हें और फैलाकर गंदगी बढ़ा रहे है। नपा जनता से स्वच्छता की अपील कर रही है मगर व्यवहारिक धरातल पर नपा प्रशासन के अधिकारी लापरवाही कर रहे हैं।सुंदरलाल, व्यवसायीखुले में शौच, सड़क पर कचरा फेंकने सहित हर श्रेणी में अलग-अलग जुर्माना राशि ली जाती है। नपा द्वारा समय-समय पर कार्यवाही कर जुर्माना राशि वसूली जाती है। लोगों को लगातार स्वच्छता के लिए जागरुक किया जा रहा है। राजेश सोनी, स्वच्छता निरीक्षक नपाहमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। इस बारे में आप सीएमओ साहब से बात कर लें। इस मुद्दे पर हम कुछ भी नहीं कह पाएंगे।रमेश वर्मा, सब इंजीनियर होशंगाबादस्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे के लिए नपा प्रशासन द्वारा पूरी गंभीरता बरती जा रही है। आम जनता को भी स्वच्छता के लिए जागरुक किया जा रहा है। स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे के बाद से अब तक निर्धारित श्रेणियों में करीब ४९ हजार रुपए का जुर्माना हुआ है। अगर कहीं कोई कमी रह रही है तो नपा प्रशासन उसे दूर करने का प्रयास करेगा।अमरसत्य गुप्ता, सीएमओ होशंगाबाद

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