Happy Birthday Dilip Kumar दिलीप कुमार को पुराने जमाने की इस फिल्म ने बनाया था सुपरस्टार , जानिए फिल्म का नाम

दिलीप कुमार ने जॉनी बाकर और अभिनेत्री बैजयंती माला के साथ आठ माह की थी शूटिंग, जानिए और भी रोचक बातें

By: sandeep nayak

Updated: 11 Dec 2017, 01:01 PM IST

लोकेश तिवारी/होशंगाबाद। हिंदी फिल्मों के प्रसिद्ब और लोकप्रिय अभिनेता दिलीप कुमार उर्फ मोहम्मद युसुफ खान का ११ दिसंबर को जन्मदिन है। वे सोमवार को ९५ साल के हो जाएंगे। उनके इस जन्मदिन को खास बनाने के लिए पत्रिका डॉट काम के माध्यम से आपको बता रहे हैं कि मध्यप्रदेश में बनी एक फिल्म ने उनको फिल्म जगत में बुलंदी पर पहुंचाया था, यही कारण है कि इस जगह से उनका खास लगाव रहा है। जीहां यह जगह है मध्यप्रदेश की बुदनी तहसील। दरअसल बुदनी स्टेशन और इसके आस पास दिलीप कुमार की खास फिल्म नया दौर (१९५७ ) की शूटिंग की गई थी, जिसके बाद उन्होंने फिल्मी दुनिया में बुलंदी का सफर शुरु किया था। इसके बाद फिर उन्होंने कभी पीछ मुड़कर नहीं देखा।

 

इन हिट गानों ने बनाया सदाबहार
नया दौर फिल्म दिलीप कुमार, वैजयंती माला स्टारर ऐसी पहली क्लासिक फिल्म थी, जिसे 1957 में रिलीज किया गया था। इस फिल्म की कहानी मशीन और आदमी के संघर्ष पर आधारित थी। फिल्म में इस्तेमाल किया गया वो रपटा और रास्ता आज भी मौजूद है, जिस पर दिलीप कुमार ने अपना तांगा दौड़ाया।
नया दौर उस ज़माने की बहुत बड़ी सफल फि़ल्म थी। बी. आर. चोपड़ा की इस फि़ल्म ने जो संदेश उस समय दिया था वो आज के समय में भी उतना ही प्रसिद्ध है। उस समय की ये एक क्रांतिकारी फि़ल्म मानी गई थी जैसा की इसके नाम से ही ज़ाहिर होता है नया दौर। नया दौर चोपड़ा संभवत: उनकी सर्वश्रेष्ठ फि़ल्म कही जा सकती है। इसके सुपहिट गाने उड़े जब-जब जुल्फें तेरी.......मांग के साथ तुम्हारा, मैने मांग लिया संसार तुम्हारा .......इन दो गानों ने दिलीप कुमार के करियर को नई राह दी। यह गाने आज भी हर किसी की जुबान पर हैं।

 

ऐसे हुई थी फिल्म की शूटिंग
1955 के आसपास देश में औद्योगिक क्रांति के आगमन और मजदूरों के बीच टकराव की स्थिति को लेकर डायरेक्टर बीआर चौपड़ा फिल्म का निर्माण रहे थे, इसको लेकर वह फिल्म के लिए लोकेशन की तलाश में थे। बताया जाता है कि डायरेक्टर बीआर चौपड़ा ट्रेन से सफर करने के दौरान जब बुदनी स्टेशन से गुजरे तो उनको यह जगह काफी पसंद आई। यह जगह उनकी सभी जरूरतों को पूरा करती थी। इसके अलावा फिल्म में इस लोकेशन को रखने के पीछे उद्देश्य प्राकृतिक वातावरण होना और मजदूर के साथ औद्योगिक क्षेत्र आसानी से उपलब्ध होना है।

यहां की गई शूटिंग
दिलीप कुमार, जॉनी बाकर और अभिनेत्री बैजयंती माला की इस फिल्म की शूटिंग बुदनी मेे करीब 8 महिने तक चली। इस दौरान बुदनी स्टेशन, भोपाल रोड, रेस्ट हाऊस सहित आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर सीन शूट किए गए। पूरी शूटिंग के दौरान गानों की शूटिंग हर किसी के आकर्षण का केंद्र रही।

 

आज भी नहीं बदली बिल्डिंग
फिल्म रिजी हुए करीब 60 साल हो चुके हंै लेकिन शूटिंग का मैन प्लाइंट बुदनी स्टेशन की बिल्डिंग अब तक नहीं बदली है। फिल्म की शूङ्क्षटंग देखने वाले 80 वर्षीय हैडमास्टर रामलाल अबधिया बताते हैं कि यह गाने अब भी सदावहार हैं हर किसी की जुबान पर हैं। उस दौर में जब इसे अपनी आंखों से देखा था आज भी वह दृश्य सामने आ जाते हैं।

यह अवार्ड भी मिले
1958 फि़ल्मफ़ेयर: सर्वश्रेष्ठ अभिनेता दिलीप कुमार
1958 फि़ल्मफ़ेयर: सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक ओ.पी. नैयर
1958 फि़ल्मफ़ेयर : सर्वश्रेष्ठ कहानी अख़्तर मिर्ज़ा

sandeep nayak Desk/Reporting
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