इस एक्सप्रेस ट्रेन के पार्सल कोच से आ रही थी आवाज, आरपीएफ ने दरवाजा खोलकर अंदर देखा तो रह गए हैरान, देखें वीडियो

12 घंटे पार्सल कोच में बंद रहा विकलांग यात्री, आरपीएफ ने सील तोड़कर निकाला

इटारसी/विकलांग कोच और अन्य कोच में भीड़ के कारण यशवंतपुर एक्सपे्रस के एसएलआर पार्सल कोच में चढ़ा एक विकलांग यात्री 12 घंटे तक उसमें कैद रहा। इटारसी पहुंचने पर उसे आरपीएफ ने कोच की सील तोड़कर बाहर निकाला। उसके कोच में बंद होने को पता जबलपुर स्टेशन पर उस समय चला जब वह वहां गाड़ी खड़ी होने पर जोर-जोर से चिल्ला रहा था। लेकिन तब तक उसकी मदद की जाती ट्रेन रवाना हो गई थी। इस कारण उसे इटारसी में बाहर निकाला जा सका।

जबलपुर आरपीएफ की सूचना पर इटारसी आरपीएफ के अमले ने शनिवार दोपहर 12.40 बजे ट्रेन के स्टेशन पहुंचने पर एसएलआर कोच की सील तोड़कर उसे बाहर निकाला। जानकारी के अनुसार 12540 लखनऊ- यशंवतपुर एक्सप्रेस के पार्सल कोच में प्रतापगढ़ निवासी विकलांग पप्पू शुक्रवार रात 11.15 बजे प्रतापगढ़ से चढ़ा था। उसे रात 1.30 बजे इलाहबाद में उतरना था लेकिन उसकी नींद लग गई। पप्पू ने बताया कि जब सुबह उसकी नींद खुली तो उसने खुद को कोच में बंद पाया। अंदर से दरवाजा खोलने का प्रयास किया, लेकिन नहीं खुला। वह शनिवार सुबह आठ बजे ट्रेन के जबलपुर स्टेशन पर पहुंचाने पर मदद के लिए चिल्ला रहा था। एसआई अजीत सिंह ने बताया कि पार्सल कोच के दरवाजें की सील तोड़कर उसे उतारा गया। थाने लाकर पूछताछ के बाद खाना खिलाकर दूसरी ट्रेन से इलाहाबाद रवाना किया। पप्पू ने बताया कि अन्य कोच भी भरे हुए थे और विकलांग यात्रियों के कोच में भी जगह नहीं थी। पार्सल कोच का दरवाजा खुला देखकर उसमें चढ़ गया था। उसमें एक भी पार्सल नहीं था।

सतना में सील

आरपीएफ के अनुसार संभवत: उक्त पार्सल कोच को सतना में सील किया गया होगा। लेकिन रेलवे कर्मियों की जिम्मेदारी थी कि सील करने से पहले दरवाजा खोलकर देखना चाहिए। बहरहाल यात्री सकुशल है। जबकि खाली कोच होने पर भी उसे बंद रखना चाहिए। सील करने के पहले रेलवे कर्मचारियों को चेक करना चाहिए था।

जबलपुर से सूचना मिलने पर हमने आरपीएफ के साथ मौके पर अधिकारियों को भेजकर यात्री को पार्सल कोच से बाहर निकाला गया है।
- राजीव चौहान, प्रबंधक इंटारसी स्टेशन।

sandeep nayak
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