स्कूल के डाइस कोड में गड़बड़ी, अब तीन किमी दूर दो अलग-अलग स्कूलों में पढऩे जा रहे विद्यार्थी

स्कूल के डाइस कोड में गड़बड़ी, अब तीन किमी दूर दो अलग-अलग स्कूलों में पढऩे जा रहे विद्यार्थी

Manoj Kundoo | Publish: Sep, 09 2018 10:04:04 AM (IST) Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

इटारसी के शासकीय मिशनखेड़ा मिडिल स्कूल का मामला, अपग्रेड होने के बाद कक्षा नवमीं में २५ विद्यार्थियों ने लिया दाखिला

इटारसी. शिक्षा विभाग की लापरवाही का खामियाजा एक सरकारी स्कूल में दाखिला ले चुके २५ बच्चे भुगत रहे हैं। मामला इटारसी के शासकीय मिशनखेड़ा मिडिल स्कूल का है। वर्ष २०१८ में स्कूल को अपग्रेड किया गया। जिसके बाद यहां कक्षा नवमीं में ११ छात्र और १४ छात्राओं ने दाखिला भी ले लिया। अब हालात यह हैं कि डाइस कोड में गड़बड़ी से बच्चों को तीन किमी दूर दो अलग-अलग स्कूलों में पढऩे भेजा गया है। जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर वर्तमान में पीपल मोहल्ला स्थित बॉयस स्कूल में ११ छात्रों और पुरानी इटारसी सूखा सरोवर स्थित गल्र्स स्कूल में १४ छात्राओं को अस्थाई तौर पर पढऩे भेजा जा रहा है।
खेड़ा क्षेत्र का स्कूल बता रहा बाईखेड़ी का पता
डाइस कोड में गड़बड़ी से स्कूल का पता बाईखेड़ी बताया जा रहा है। इसी वजह से कक्षा नवमीं में एडमिशन लेने वाले बच्चे भी मैपिंग से छूट गए हैं। उल्लेखनीय है कि यदि गड़बड़ी को सुधारा नहीं गया तो इन बच्चों को मिलने वाली शासन की योजनाओं जैसे छात्रवृत्ति व अन्य लाभ भी नहीं मिलेगा।
गड़बड़ी के कारण नहीं हुई स्टॉफ की पदस्थापना
स्कूल प्रबंधन ने बताया कि अपग्रेड होने के बाद स्कूल में छह टीचर और एक बाबू की पदस्थापना होना है। डाइस कोड गलत होने से स्टॉफ की पदस्थापना भी नहीं हुई। यही वजह है टीचरों की पदस्थापना नहीं होने से अब एडमिशन ले चुके विद्यार्थियों को पिछले एक महीने से दूसरे स्कूल में पढ़ाई के लिए भेजा जा रहा है।
दो महीने तक स्कूल में बैठे रहे विद्यार्थी
कक्षा नवमीं में एडमिशन लेने के बाद दो महीने तक विद्यार्थियों को पढ़ाया ही नहीं गया। दरअसल मिडिल स्कूल में ९३ बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं और यहां तीन टीचर पदस्थ है। ये तीनों टीचर मिडिल स्कूल के बच्चों को पढ़ाते हैं। नवमीं कक्षा के लिए टीचरों की नियुक्ति नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई शुरू नहीं हुई थी।
इनका कहना है...
मिशनखेड़ा स्कूल को अपग्रेड किया गया था। डाइस कोड गलत होने से यह स्थिति बनी है। हमने जिला शिक्षा अधिकारी को इस संबंध में पत्र लिखा था। उनके निर्देश पर वर्तमान में सभी बच्चों को बॉयस और गल्र्स स्कूल में पढ़ाया जा रहा है।
-जयप्रभा मौर्य, संकुल प्रभारी इटारसी
डायस कोड में गलती की वजह से मिशनखेड़ा स्कूल में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पा रही है। मैपिंग से भी बच्चे छूट गए हैं। इस संबंध में वरिष्ठ कार्यालय से पत्राचार किया है। बताया गया कि मामला शासन स्तर का है, जल्दी ही ठीक कराएंगे।
-अनिल वैध, जिला शिक्षा अधिकारी होशंगाबाद

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