कहा था घंटेभर में हो जाएगा कार्यक्रम, शाम तक भूखी बैठी रही लाड़ली

rajendra parihar

Publish: Oct, 13 2017 03:12:27 PM (IST)

Hoshangabad, Madhya Pradesh, India
कहा था घंटेभर में हो जाएगा कार्यक्रम, शाम तक भूखी बैठी रही लाड़ली

300 की क्षमता वाले हाल में बैठने बुलाया ढाई हजार लोगों को, पानी तक के इंतजाम नहीं, भोजन पैकेट आए तो टूट पड़े लोग

होशंगाबाद। एक घंटे का कहकर बुलाई गई 850 लाड़लियों और उनके माता-पिता को शाम तक बिठाकर रखा गया। ना खाने का पर्याप्त इंतजाम था और ना पानी का। भूख से यह बच्चियां शाम तक बिलबिलाती रहीं। भोजन आया तो उस पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं सहित अन्य लोग टूट पड़े। दो हजार लोगों के भोजन की व्यवस्था की गई थी, लेकिन ढाई हजार लोग आ गए। इस कारण लाड़लियों को ही खाना नहीं मिल पाया। यह सब हुआ महिला सशक्तिकरण विभाग द्वारा गुरुवार को नर्मदा कालेज में आयोजित कार्यक्रम में। इस कार्यक्रम में लाड़ली लक्ष्मी योजना की लाभांवित कन्याओं को छात्रवृत्ति प्रमाण पत्र बांटे गए।
विभाग ने कॉलेज के जिस सभाकक्ष में कार्यक्रम आयोजित किया उसमें अधिकतम 300 लोगों के बैठने की व्यवस्था थी, जबकि 850 लाड़लियां और उनके माता-पिता को बुलाया गया था। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका सहित विभाग के अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि सहित ढाई हजार लोग कार्यक्रम में मौजूद थे। इससे भारी अव्यवस्थाएं फैल गई।

जिले में दो जगह हुए आयोजन : जिले में योजना के तहत एक हजार १६८ कन्याओं को उक्त प्रमाण पत्र वितरित किए गए। संख्या अधिक होने के कारण पिपरिया में भी कार्यक्रम आयोजित किए। मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा थे। कार्यक्रम में सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष कुशल पटेल, पूर्व नपाध्यक्ष माया नरोलिया आदि भी मौजूद थे।

भोजन पैकेट के लिए मशक्कत
दो हजार का बना था खाना
विभाग ने 850 कन्याओं सहित दो हजार का खाना बनवाने का दावा किया है। लेकिन जब देर से खाने के पैकेट लेकर लोडिंग आटो आया तो उस पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और वहां मौजुद लोग टूट पड़े। एक-एक ने दो-दो, तीन-तीन पैकेट ले लिए। अंत में कई बच्चियां और उनके परिजन भूखे रहे गए।

 

अधिकारियों ने बताया था कि एक घंटे का कार्यक्रम है और सुबह से बुलाया था लेकिन शाम चार बजे प्रमाण पत्र मिला। भोजन के लिए भी परेशानी हुई।
शेख तब्बसुम, ग्राम कांदई

इतने लोगोंं को बुला लिया लेकिन उस हिसाब से व्यवस्था नहीं की। किसी अधिकारी व कर्मचारी को भी जानकारी नहीं थी कि कहां से प्रमाण पत्र मिलेगा।
विजय करैया, होशंगाबाद

ऑडीटोरियम मेेंं सेंटिंग लगी हुई थी इस वजह से छोटे हॉल में कार्यक्रम करना पड़ा। अभिभावकों की संख्या अधिक होने से कुछ अव्यवस्था हुई।
सतीश भार्गव, जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी

आयोजकों को ऑडीटोरियम का सुझाव दिया था। जिस हॉल में कार्यक्रम हुआ उसमें केवल ३०० लोगों के बैठने की व्यवस्था है।
डॉ. ओएन चौबे, प्राचार्य, नर्मदा कॉलेज

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