जिम्मेदार ग़ायब: विवाद के कारण रसूलिया में 250 लोगों को नहीं मिला खाना

भोजन वितरण को लेकर दो समितियों के बीच चल रह विवाद

होशंगाबाद. लॉकडाउन के दौरान भोजन वितरण को लेकर दो समितियों के बीच चल रहे विवाद के कारण रविवार को रसूलिया के करीब 250 लोग भूखे रह गए। इन्हे दिनभर खाना ही नहीं मिला। नगर पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष आशोक कुसराम ने बताया कि वह 5 से 6 दिनों से यहां भोजन का वितरण कर रहे थे। जिसमें चंदन नगर, रामनगर, शिवाजी नगर और छिंदवाड़ा परासिया के लोग खाना दे रहे थे। लेकिन रविवार को भोजन वितरण से इंकार कर दिया। इसके बाद शासन द्वारा भोजन वितरण की बात कही गई। लेकिन रविवार को किसी को भी भोजन नहीं दिया गया। राजेंद्र मेहरा ने बताया कि शक्तिधाम मंदिर और तथस्तु फाउंडेशन इस तरह की कार्रवाई कर रहा था। गौरतलब है कि एडीएम ने शनिवार दोपहर को भाजपा विधायकों के अलग-अलग गुट को अलग-अलग पाइंट की व्यवस्था सौंपी गई थी। रसूलिया क्षेत्र के इन क्षेत्रों की व्यवस्था काली कमेटी को सौंपी गई थी।

खाद्य सामग्री वितरण में प्रभारी गायब
नगर पालिका अमले द्वारा रोजाना जरूरतमंद और गरीब लोगों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। नपा ने इसके लिए सहायक यंत्री रमेश वर्मा को प्रभारी बनाया है जो शहर में भोजन वितरण के दौरान नजर ही नहीं आ रहे हैं। शनिवार रात को अंडर ब्रिज का काम कर रहे मजदूरों के पास भोजन नहीं पहुंचने पर नपा अमले ने खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई। इस दौरान भी प्रभारी अधिकारी वर्मा दिखाई नहीं दिए। सूत्र बताते हैं कि वर्मा भोपाल चले गए। इस संबंध में कलेक्टर को भी शिकायत मिली है, जिस पर उन्हें नोटिस देने की तैयारी चल रही है।
सहायक प्रभारी उमेश जोशी ने बताया कि सूचना प्राप्त होने के दौरान पीडीएस दुकाने बंद होने के बाद भी पीडीएस अध्यक्ष प्रकाश तिवारी के सहयोग से परिवारों को राशन की व्यवस्था की गई।

मामले में एडीएम जीपी माली ने बताया कि जहां पर खाना नहीं मिलने की शिकायत मिलती है वहीं जाकर व्यवस्था कराते हैं। सीएओ को भी निर्देश दिए हैं कि कोई भी भूखा ना रहे।

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बृजेश चौकसे Editorial Incharge
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