महंगे दीपों से रोशन होने वाली है इस बार आपकी दीपावली, जानें क्यों

महंगे दीपों से रोशन होने वाली है इस बार आपकी दीपावली, जानें क्यों
महंगे दीपों से रोशन होने वाली है इस बार आपकी दीपावली, जानें क्यों,महंगे दीपों से रोशन होने वाली है इस बार आपकी दीपावली, जानें क्यों

Sandeep Nayak | Updated: 09 Oct 2019, 11:56:26 AM (IST) Hoshangabad, Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

लगातार बारिश से बढ़ी दीपावली को रोशन करने वाले मिट्टी के दीपों की कीमत

सोहागपुर। दीपावली मतबल। रोशनी और उजाले की त्योहार। दीपों की रोशनी से जगमग होने वाले इस त्योहार पर आपकी दीपावली इस बार महंगे दीपों से रोशन होने वाली है। जी हां। इसका कारण मिट्टी के दीपों के दामों का बढऩा है। दरअसल इस साल लगातार बारिश से मिट्टी के दीपक महंगे होने की संभावना है। कच्ची सामग्री सहित धूप की कमी ने भी समस्या को और बढ़ा दिया है। इस बार दीपावली 27 अक्टबर को मनाई जाएगी। वहीं दशहरा होने के बाद दीपावली की तैयारियां शुरू हो गई हैं। बाजार तैयार होने लगे हैं।
पत्रिका ने सोहागपुर में कार्यरत कुम्हार समाज के उन लोगों से बात की जो कि परंपरागत ढंग से लंबे समय से मिट्टी कला का काम करते आ रहे हैं। हेमंत कुम्हार ने बताया कि लगातार बारिश के कारण घरों में छाई नमी, सूखे स्थान की कमी, सूखी व उचित मिट्टी का न मिल पाना वे कारण रहे हैं, जिसके कारण इस साल सही समय पर मिट्टी के दिए बनाने का कार्य प्रारंभ नहीं किया जा सका। ऊपर से सूखी मिट्टी नहीं मिली तो इसे छांटने, कूूटने, छानने, गलाने, दिया निर्माण के अनुकूल व्यवस्थित करने आदि का भी समय व अवसर नहीं मिल पाया है। जिसका प्रभाव यह है कि नवदुर्गा के दौरान तक हजारों की संख्या में जहां प्रारंभिक स्तर पर दिए बना लिए जाते थे, वहीं अब यह काम इस साल प्रारंभ ही हो पा रहा है।

कहां लगे भट्टी
कुम्हार समाज के लोगों ने बताया कि निर्मित कच्चे दियों का पकाने के लिए भट्टी बनाना पड़ता है। लेकिन गत सप्ताह तक हुई बारिश के कारण जमीन में अभी अत्यधिक नमी है, और कभी भी बादल छा जाते हैं तथा बारिश की आशंका बनी रहती है। जिसके कारण भट्टी भी नहीं लगा पा रहे हैं। और जब भट्टी ही नहीं लगा पाएंगे तो दिए सूखेंगे कैसे। इसलिए जो व्यवस्था कर सकते हैं वे पंखा, हीटर आदि का उपयोग कर दियों को सुखाएंगे और इस स्थिति में दियों की लागत पर और बाद में विक्रय मूल्य पर बढ़त आना तय हो गया है।

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एक लाख तक खपत संख्या
कुम्हार समाज से पृथक-पृथक बातचीत दौरान बात सामने आई है कि सोहागपुर शहरी व आसपास के क्षेत्रों से दीपावली के दौरान बाजार में लोग बड़ी संख्या में मिट्टी के दिए खरीदने आते हैं। और आज भी 95 प्रतिशत लोग मिट्टी के साधारण दिए ही खरीदते हैं, क्योंकि इनकी कीमत कम होती है। चाईनीज स्टाईल की बिजली सीरीज, फैक्ट्री शैली से बने डिजाइनर दिए अभी पांच प्रतिशत लोग ही खरीदते हैं, क्योंकि एक तो इनकी कीमत अधिक होती है, वहीं इन दियों का पूर्ण मिट्टी से नहीं, अपितु मिश्रित मिट्टी से निर्माण किया जाता है। इसलिए धर्म को मानने वाले प्रक्रिया अनुसार कूटी, छानी और गलाई गई मिट्टी से बने दियों का ही प्रयोग करते हैं। और सोहागपुर क्षेत्र में ही कम से कम एक लाख दियों की खपत प्रतिवर्ष दीपावली के समय हो जाती है।

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