अजब-गजब : डीएनए रिपोर्ट से पता चला कुत्ते का असली मालिक कौन

चार माह बाद चिकित्सकीय जांच के बाद शादाब को सौंपा कुत्ता

By: sandeep nayak

Updated: 20 Mar 2021, 12:18 AM IST

होशंगाबाद/ चार माह पहले कोको और टाइगर अलग-अलग नाम के लैब्राडोर डॉग के मालिकाना हक को लेकर हैदराबाद लैब भेजी गईकुत्ते की डीएनए रिपोर्ट देहात थाना को मिल गई है। रिपोर्ट शादाब खान के पक्ष में आई है। रिपोर्ट के अनुसार लैब्राडोर डॉग कोको है। देहात थाना पुलिस ने कुत्ते के लिए शुक्रवार को पशु चिकित्सालय ले जाकर चिकित्सकीय परीक्षण कराने के बाद शादाब खान निवासी गोल्डन सिलीकॉन कॉलोनी मालाखेड़ी रोड को सौंप दिया। पुलिस ने यह कार्रवाई कुत्ते व उसके पचमढ़ी के वंशज की डीएनए रिपोर्ट के आधार पर की है। देहात थाना प्रभारी अनूप सिंह नैन ने बताया कि कुत्ते की गुमशुदगी के मामले में विधि संगत कार्रवाई करते हुए डॉग को शादाब खान के सुपुर्द कर दिया गया। कुत्ते के डीएनए टेस्ट का अजीबो-गरीब यह पहला वाकया सामने आया है, जबकि डीएनए टेस्ट इंसान की पहचान करने के लिए होती आई है

यह था पूरा घटनाक्रम
नवंबर 2020 में गोल्डन सिलीकॉन मालाखेड़ी रोड निवासी शादाब ने डॉग की गुमशुदगी की रिपोर्ट देहात थाना में दर्ज करवाई थी। इसी बीच यह डॉग मालाखेड़ी निवासी कृतिक शिवहरे का पास मिला था, जिस पर कृतिक ने भी अपना बताकर दावा प्रस्तुत किया था। पुलिस ने विवाद के निपटारे के लिए ब्लड सैंपल लेकर डीएनए टेस्ट के लिए हैदराबाद लैब भेजा था।
विवाद के बाद से कृतिक के पास था डॉग
शादाब खान ने तीन माह पहले घर से गुमे अपने कोको डॉग की गुमशुदगी देहात थाना में दर्ज कराई थी। इसी बीच 18 नवंबर को मालाखेड़ी में ही उनका डॉग कृतिक शिवहरे के पास जंजीर से बंधा हुआ मिला था। सूचना देने के बाद पुलिस ने डॉग को अभिरक्षा में लिया और थाने लेकर आई थी। डॉग से संबधित दस्तावेज दिखाने पर पहल डॉग शादाब को सौंपा था, लेकिन दूसरे ही दिन कृतिक ने डॉग को अपना व इसका नाम टाइगर बताते हुए दावा प्रस्तुत किए जाने पर पुलिस ने डॉग को कृतिक को दे दिया था। तभी से उक्त डॉग उसी के पास ही था।

इनका कहना है...
डीएनए रिपोर्ट से सच्चाई सामने आ गई है। डॉग का मालिक मैं ही हूं। पुलिस तत्काल कोको मुझे वापस दिलवाए। मैं कृतिक शिवहरे के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम का केस दर्ज करा रहा हूं साथ ही कोर्ट में भी मानहानि का दावा प्रस्तुत करूंगा।
-शादाब खान, डॉग कोको का मालिक
मैंने उक्त लेब्राडोर डॉग अक्टूबर 2020 में इटारसी के अनूप शर्मा-मोनू शर्मा से करीब 6 हजार में खरीदा था। इसे बाबई में उनके भांजे से लाकर पाला था। इसका नाम टाइगर है और इसका मालिक मैं हूं। पचमढ़ी में मेरे डॉग के पिता का जो डीएनए सैंपल टेस्ट हुआ वह मेरे सामने नहीं हुआ था।
-कृतिक शिवहरे, डॉग टाइगर का मालिक

sandeep nayak Desk/Reporting
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