चुनाव को लेकर हाइकोर्ट में लगी तीन याचिकाएं, 1 अगस्त को होगी सुनवाई, जानें क्या है मामला

छावनी परिषद के चुनाव महिला वार्ड आरक्षण के विरोध में दायर हैं याचिका, सुनवाई से पहले बोर्ड गठन पर बच सकती है परिषद

By: sandeep nayak

Updated: 24 Jul 2018, 01:33 PM IST

पिपरिया. 22 जुलाई को संपन्न हुए छावनी परिषद के चुनाव के बाद निर्वाचित परिषद के भविष्य पर हाईकोर्ट के आदेश की तलवार लटकी हुई है। दरअसल चुनाव से पहले महिला वार्ड आरक्षण में अनियमितता के खिलाफ हाईकोर्ट में तीन याचिकाएं दायर हुई थीं। और इसकी सुनवाई एक अगस्त को है। दरअसल चुनाव से पहले महिला वार्ड आरक्षण को लेकर स्थानीय तीन लोगों ने छावनी परिषद के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई थी यहां निराकरण नहीं होने पर आपत्तिकर्ताओं ने हाइकोर्ट में इस मुददे पर याचिका दायर की है। कोर्ट का फैसला विपरीत होने पर छावनी का निर्वाचन निरस्त हो सकता है।

इस तरह रद्द हुए थे पिछले चुनाव : उल्लेखनीय है कि 15 मई 2015 को हुए चुनाव में भाजपा ने 5-2 से छावनी परिषद चुनाव जीता था इसके तत्काल बाद हाईकोर्ट का फैसला आने से चुनाव रदद हो गया था। हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए अतिक्रमणकारियों को मतदाता सूची में शामिल होने पर चुनाव रदद कर दोबारा चुनाव के आदेश दिए थे।

अब कांग्रेस ने बनाई परिषद : इसके बाद 22 जुलाई 2018 को हुए चुनाव में कांग्रेस 6-1 सीट से जीती है। महिला वार्ड आरक्षण के खिलाफ दायर तीन याचिकाओं को लेकर इस पर तलवार लटकी हुई है।
बोर्ड का गठन होने पर ही सुरक्षित : छावनी मण्डल कोर्ट फैसले से पूर्व बोर्ड का गठन पूरा कर लेने के बाद ही निर्वाचित पार्षद सुरक्षित हैं वर्ना फिर से इन्हें चुनाव का सामना करना पड़ सकता है।
लखनऊ जाएगी जानकारी, राजपत्र में होगा प्रकाशन : छावनी परिषद निर्वाचन के बाद छावनी सीईओ ने निर्वाचित पदाधिकारियों की जानकारी लखनऊ कैंट मुख्यालय को भेज दी है। निर्वाचित सदस्यों की जानकारी मुख्यालय से दिल्ली रक्षामंत्रालय पहुंचेगी यहां राजपत्र में निर्वाचित सदस्यों का नोटिफेकशन होगा। लखनऊ मुख्यालय के आदेश पर पचमढ़ी छावनी सीईओ बोर्ड गठन, शपथ विधि प्रक्रिया संपन्न कराएंगे।

 

छावनी निर्वाचन की समस्त कार्रवाई लखनऊ मुख्यालय भेज दी है। राजपत्र में निर्वाचित सदस्यों का नोटिफिकेशन होगा। मुख्यालय के आदेश पर एक हफ्ते में बोर्ड गठन प्रक्रिया होगी। हाईकोर्ट में महिला वार्ड आरक्षण को लेकर सुनवाई है।
सत्यम मोहन, सीईओ छावनी परिषद पचमढ़ी

sandeep nayak Desk/Reporting
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