परीक्षा में छात्रों के आए कम नंबर, शिक्षकों को देना होगी परीक्षा

परीक्षा में छात्रों के आए कम नंबर, शिक्षकों को देना होगी परीक्षा

Sandeep Nayak | Updated: 12 Jun 2019, 01:26:35 PM (IST) Hoshangabad, Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

हाइ स्कूल में जिन स्कूलों का रिजल्ट 30 प्रतिशत के कम आया है। वहां के शिक्षक परीक्षा देंगे

बैतूल। बच्चों की परीक्षा लेने वाले शिक्षक अब खुद परीक्षा देंगे। जी हां। यह सही बात है। दरअसल हाइ स्कूल में जिन स्कूलों का रिजल्ट 30 प्रतिशत के कम आया है। वहां के शिक्षक अब परीक्षा देंगे। पहली बार ऐसा होगा कि शिक्षकों को भी परीक्षा देनी पड़ेगी। शिक्षकों को परीक्षा इसलिए देनी पड़ेगी क्योंकि हाइस्कूल में छात्रों का रिजल्ट 30 प्रतिशत से कम आया है। परीक्षा में विषयवार कम रिजल्ट देने वाले शिक्षकों को शामिल किया जाएगा। साथ ही ऐसे माध्यमिक स्कूल के शिक्षक भी शामिल किए जाएंगे जहां के बच्चे हाइस्कूल में पढऩे जाते हैं और उस स्कूल का रिजल्ट 30 प्रतिशत से कम है। शिक्षकों की परीक्षा से संगठनों में विरोध की स्थिति बन रही है। वहीं प्रदेश भर में शिक्षकों की पहली बार यह परीक्षा हो रही है। एक समय पर यह परीक्षा होगी। परीक्षा देने वाले शिक्षकों में कई बुजुर्ग शिक्षक भी शामिल होंगे,जो कि वर्षों से बच्चों को पढ़ा रहे हैं और अब खुद को परीक्षा देनी पड़ रही है। वही अधिकारियों का कहना है कि शिक्षकों की परीक्षा नहीं ली जा रही है। प्रशिक्षण को लेकर शिक्षकों का आंकलन कर रहे हैं। शिक्षकों का रिजल्ट घोषित नहीं किया जाएगा।

तीन घंटे का होगा प्रश्न पत्र
परीक्षा में जिले भर के 45 शिक्षक शामिल होंगे। इसके लिए कन्या गंज स्कूल में एक ही परीक्षा सेंटर बनाया गया है। सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक परीक्षा होगी। परीक्षा के लिए भोपाल से प्रश्न पत्र आया है। परीक्षा में ऐसे शिक्षकों को शामिल किया जा रहा है कि जो शिक्षक जिस विषय को पढ़ाते हैं और उसमें रिजल्ट 30 प्रतिशत से कम आया है। वही ऐसे शिक्षकों को भी शामिल किया जा रहा है कि जहां स्कूल का रिजल्ट ही 30 प्रतिशत से कम है। ऐसे हाइस्कूल में जिसमें माध्यमिक शाला से बच्चे पढऩे आते हैं वह माध्यमिक शाला के शिक्षकों को भी परीक्षा में शामिल किया गया है। पट्टन ब्लॉक के ग्राम मानी हाइस्कूल, आठनेर ब्लॉक के ग्राम बेलकुंड और मानी, भीमपुर ब्लॉक के केकडिय़ा कला हाइस्कूल, शाहपुर ब्लॉक के रामपुरमाल के हाइस्कूल का रिजल्ट 30 फीसदी से कम है। शिक्षा विभाग द्वारा परीक्षाएं कराए जाने से शिक्षकों संगठनों द्वारा इसका विरोध भी किया जा रहा है। शिक्षकों द्वारा इसे सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है
&शिक्षकों की परीक्षा नहीं ली जा रही है। यह देखा जा रहा है कि हमारे शिक्षकों को किस विषय में प्रशिक्षण की आवश्यकता है। शिक्षकों के अंक भी गोपनीय रखे जाएंगे।
एलएल सुनारिया,
जिला शिक्षा अधिकारी, बैतूल

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