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खाद के दाम बढऩे पर किसान बोले-सरकार खेती को खुद घाटे का सौदा बना रही

नर्मदापुरम narmdapuram जिले में डीएपी 150 रुपए महंगा, एनपीके 12:32:16 भी महंगा हुआ

होशंगाबाद

Published: April 17, 2022 12:11:17 pm

नर्मदापुरम. खरीफ फसलों की बोवनी के पहले ही मई माह में ही किसानों को फिर महंगाई का झटका लगा है। सरकार ने उर्वरकों के दाम बढ़ाकर उनकी मुसीबतें बढ़ा दी है। narmdapuram नर्मदापुरम में डीएपी खाद 150 रुपए महंगा हो गया है। पहले इसके दाम 1200 रुपए प्रति 50 किलोग्राम थे, जो अब बढ़कर 1350 रुपए हो गए हैं। इसी तरह एनकेपी का 12:32:16 खाद के भी दाम में इजाफा हुआ है। 50 किलोग्राम की बोरी के रेट 1470 रुपए कर दिए गए हैं। पहले इसके रेट 1450 रुपए थे। 20 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। यूरिया के दाम यथावत रखे गए हैं। बता दें कि अभी जिले में किसान गर्मी की मूंग की तीसरी फसल ले रहे हैं। इसके पकते व कटाई के साथ ही आगामी जून माह में बारिश के दस्तक देते ही खरीफ फसलों की बोवनी होगी, लेकिन इसके पहले ही किसानों पर रासायनिक उर्वरकों के बढ़े हुए दाम का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। खेती करना महंगा साबित होगा। किसानों से जुड़े संगठन बोले-सरकार खुद खेती को फायदे की बजाए घाटे सौदा बना रही है। बिजली, डीजल और खाद-दवा के दाम में बेहताशा बढ़ोतरी से किसानों की कमर टूट रही है। किसान हर सीजन में कर्ज के बोझ से नहीं उबर पा रहा है।

प्रति बोरी डीएपी में 150 रुपए का उछाल
जिले में बीते रबी सीजन में डीएपी की किल्लत से किसान वैसे ही परेशान रहे। जैसे-तैसे खाद मिल सका था। किसानों को इसके लिए धरना-प्रदर्शन, चक्काजाम आंदोलन तक करना पड़ा था। किसानों पर फिर दाम बढऩे से आर्थिक बोझ डाल दिया गया है। डीएपी पिछले साल तक 1200 में मिल रहा था, जो इस साल 1350 में दिया जाएगा। जबकि 12.32.16 की कीमत 1450 थी जो इस बार 1470 रुपए में मिलेगा। इसके अलावा यूरिया भी खरीफ की फसल में उपयोग होता है, तो इसके दामों में भी वृद्धि की संभावनाए जताई गई है। बीते दो से तीन साल से जिले के किसान मौसम की मार झेल रहे हैं। कभी अतिवृष्टि, कभी ओलावृष्टि से सोयाबीन सहित अन्य फसल में नुकसान उठा चुके हैं। इन्हें बीते साल की फसल बीमा दावा की राशि भी नहीं मिल सकी है। इसी बीच खाद के बढ़ते दामों ने उन्हें अभी से रुलाना शुरू कर दिया हैं।

पिछले साल भी हुआ था जिले में विरोध
पिछले साल ही खाद के दामों में वृद्धि होने के बाद किसानों ने इसका जमकर विरोध किया था। धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन दिए थे। लेकिन सरकार ने किसी भी तरह इनके दाम कम नहीं किए गए थे। एक बार फि र अब जब खरीफ की फसल की बोवनी शुरू होनी है, उसके पहले ही डीएपी, एनपीके उर्वरक के दाम बढऩे से किसान में आक्रोश पनपने लगा है। बता दें कि सोसायटियों में 15 अप्रैल से खाद वितरण शुरू हो जाता है। किसान अभी गर्मी की मूंग फसल ले रहे हैं। इतनी जल्दी खाद नहीं लेते लेकिन जो स्टॉक आया है और उसके दाम जिस हिसाब से बढ़ाए गए हैं वह कहीं न कहीं किसानों की कमर तोड़ेंगे।
खाद के दाम बढऩे पर किसान बोले-सरकार खेती को खुद घाटे का सौदा बना रही
खाद के दाम बढऩे पर किसान बोले-सरकार खेती को खुद घाटे का सौदा बना रही
किसानों ने किया बढ़ी कीमतों का विरोध

उर्वरक, डीजल के दाम तो सरकार बढ़ा रही, लेकिन फसलों के दाम नहीं बढ़ा रही। इस कारण खेती फायदे की बजाए घाटे का सौदा बनाया जा रहा है। बीते साल जो सोयाबीन को अतिवृष्टि से नुकसान हुआ, उसकी भी बीमा दावा राशि सैकड़ों किसानों को नहीं मिल सकी है। उर्वरक, डीजल के दाम तो सरकार बढ़ा रही, लेकिन फसलों के दाम नहीं बढ़ा रही। इस कारण खेती फायदे की बजाए घाटे का सौदा बनाया जा रहा है। बीते साल जो सोयाबीन को अतिवृष्टि से नुकसान हुआ, उसकी भी बीमा दावा राशि सैकड़ों किसानों को नहीं मिल सकी है।
-राजेश जाट, जिलाध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन नर्मदापुरम।
उर्वरकों के दाम बढऩे से किसानों को आर्थिक मार पड़ेगी। समर्थन मूल्य पर उपज के जो दाम बढ़ाए गए हैं, वह नाकाफी है, उसकी तुलना में रासायनिक खाद के दाम बहुत अधिक बढ़ाए गए हैं, इससे किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
-उदयकुमार पांडे, जिला मंत्री भारतीय किसान संघ नर्मदापुरम
खेती में इस तरह की महंगाई बढ़ी तो अतिरिक्त बोझ से किसान कहीं का नहीं रहेगा। जैसे खाद, दवाई बीज, डीजल के बेहताशा दाम बढऩे से किसान मजबूरी में आकर अपनी खेती करना ही छोड़ देगा। आत्महत्या करने के लिए भी मजबूर हो जाएगा। वर्तमान में जो महंगाई बढ़ी है, उसके कारण किसान अपने बच्चों की स्कूल की फीस नहीं भर पा रहे हैं। बैंक का जो कर्ज है, उसको चुकाने में भी असमर्थ है।
-हरपाल सिंह सोलंकी, जिलाध्यक्ष क्रांतिकारी किसान-मजदूर संगठन नर्मदापुरम
जानिए ऐसे बढ़ गए उर्वरक के रेट
उर्वरक - पहले दाम- बढ़े हुए दाम (प्रति बोरी)
डीएपी: : 1200 : 1350 रुपए
एनपीके 12:32:16: 1450 : 1470 रुपए
यूरिया 266.50

इनका कहना है...
संचालनालय से जिले के लिए उर्वरक के टारगेट आ गए हैं। डीएपी के बढ़े हुए 1350 रुपए प्रिंट रेट एवं एनपीके 12:32:16 भी नए रेट 1470 रुपए के हिसाब से आ रहा है। खरीफ के लिए जैसे ही लक्ष्य प्राप्त होगा, उसके अनुसार पूर्ति कराई जाएगी।
-जेआर हेडाऊ, उप संचालक कृषि नर्मदापुरम।

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