जानें क्यों की गई हाथियों की आवभगत, खिलाया मनपसंद खाना

रविवार को हुआ पुनर्यौववनीकरण शिविर का समापन

सोहागपुर/सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की फेवरेट टूरिज्म जोन मढ़ई के खरेर हाथी कैंप में छह दिनों तक चले हाथी पुनर्याैवनीकरण शिविर का रविवार को समापन हो गया। शिविर में हाथियों की आवभगत कर उन्हे मनपसंद खाना दिया गया और विशेष पूजन व स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। शिविर के दौरान किसी भी हाथी से एसटीआर के अंदर कोई भी काम नहीं लिया जाता है।
इस दौरान एसटीआर फील्ड डायरेक्टर एसके सिंह, डिप्टी डायरेक्टर एके शुक्ला, मुख्य वन संरक्षक सामान्य केके भारद्वाज, असिस्टेंट डायरेक्टर एसटीआर आरएस भदौरिया, डॉ. गुरुदत्त शर्मा, मढ़ई रेंज आफिसर मुकेश डुडवे, बफर रेंजर जीएस निगवाल आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे।
एसटीआर असिस्टेंट डायरेक्टर आरएस भदौरिया व रेंज आफिसर मुकेश डुडवे ने बताया कि 15 अक्टूबर से शुरु हुए शिविर में हाथियों के पैरों के नाखून काटे गए, नाखूनों मेंं फंसी गंदगी निकाली गई, पैर के पंजों में फंसे कंकर निकाले गए। आरएस भदौरिया ने बताया कि वैसे प्रतिमाह एक दिन हाथियों का स्वास्थ्य परीक्षण डॉ. शर्मा द्वारा खरेर कैंप में किया जाता है। समापन में डिप्टी रेंजरद्वय लाखन सिंह पटेल, पी पंकज, वनरक्षक यशवंत सूर्यवंशी आदि भी उपस्थित थे।

 

दूर रखा सिद्धनाथ को
एसटीआर के सबसे उम्रदराज नर हाथी सिद्धनाथ को शिविर से दूर रखा गया। गौरतलब है कि इसने खरेर कैंप में ही चारा कटर कर्मचारी संजय पर जानलेवा हमला कर दिया था। रेंज आफिसर मुकेश डुडवे ने बताया कि सिद्धनाथ मात्र शिविर स्थल से दूर मजबूत सांकलों से बांधकर रखा गया था, लेकिन भोजन की व्यवस्था अन्य हाथियों की तरह ही कराई गई।

sandeep nayak
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