सतपुड़ा की वादियों में मिले सैकड़ों देशी-विदेशी पक्षी

सतपुड़ा की वादियों में मिले सैकड़ों देशी-विदेशी पक्षी

Amit Billore | Publish: Feb, 15 2018 03:15:09 PM (IST) Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

मढ़ई में मिले 270 और जिले में 340 देशी-विदेशी पक्षी

अमित बिल्लौरे/सोहागपुर। दुनिया भर में पक्षियों की खोज के लिए बने ई-बर्ड मोबाइल एप में पोस्ट करने के मामले में होशंगाबाद जिला प्रदेश में पहले स्थान पर आया है। एप के माध्यम से अब तक जिले में 340 से अधिक किस्म जीपीएस लोकेशन सहित पोस्ट करते हैं। इससे पता चलता है कि किस स्थान विशेष पर पक्षी की कितनी उपस्थिति है। मढ़ई में मिले २७० और जिले में ३४० देशी-विदेशी पक्षी।
शहरों में कम : पचमढ़ी के नेशनल सेंटर आफ बायोलाजिकल स्टडीज के प्रमुख अनूप प्रकाश ने बताया कि ई-बर्ड एप के अध्ययन से पता चला है कि शहरी क्षेत्र में अधिक संख्या में पक्षी नहीं पाए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में इनकी संख्या अधिक है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों व जलस्त्रोतों की पर्याप्त मात्रा वाले क्षेत्रों में पक्षियों की बहुत अधिक प्रजातियां देखने में आ रही हैं।

पांच लाख यूजर्स
ई-बर्ड एप पर पांच लाख यूजर्स हैं। होशंगाबाद जिले से एप पर पक्षियों की फोटो व डिटेल पोस्टिंग के मामले मेें प्रदेश में प्रथम स्थान पर है तथा यहां पक्षी भी बहुत अधिक किस्मों के हैं। एप पर जिले के 80 पक्षी प्रेमी जुड़े हैं। मढ़ई रेंजर डुडवे ने 140 से अधिक पक्षियों की डिटेल पोस्ट की है।
ये किस्में अधिक
यहां बार हेडेड गूज, इंडियन हॉक ईगल, ओपनबिल स्टार्क, लेसर व्हिसलिंग डक, रेडीसल डक, स्कीमर, कार्मोनेंट, वूल नेक्ड स्टार्क, ग्रे वैरन आदि पक्षी अधिक शामिल हैं। अधिकतर पक्षी सतपुड़ा की वादियों में, मढ़ई तथा देनवा नदी के डेम के बैक वाटर वाले क्षेत्र में देखे गए हैं।

यह है आने का कारण
सतपुड़ा में इनके आने का कारण यह है कि एक तो यह नर्मदा का किनारा है, जिस कारण यहां आने वाले पक्षियों के लिए रहने को अनुकूल माहौल मिलता है। जंगल होने के कारण खान-पान और अन्य किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होती है। जिस कारण ज्यादातर यह पक्षि यहीं पर विचरण करना पसंद करते हैं।

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