कोरोना में दूसरी जिम्मेदारी भूला प्रशासन, नाले जाम, फिर बाढ़ बनेगी आफत

बारिश सिर पर लेकिन अब तक नहीं हुए नाले साफ और न अतिक्रमण से मुक्त

होशंगाबाद. 15 जून के बाद मानसून की दस्तक हो जाएगी। लेकिन नगर पालिका होशंगाबाद और इटारसी ने अभी तक शहर में होने वाले जलभराव से निपटने के लिए पुख्ता तैयारी नहीं की है। नपा कर्मचारियों की मानें तो शहर में मुख्य तौर पर नालों का गाद(मलवा) और झाडिय़ों के कारण बारिश में पानी भराव की स्थिति बनती है। इस बार इन नालों की सफाई अब तक नहीं की गई है। बता दें शहर में 2013 में हुई बारिश के दौरान बाढ़ की स्थिति बनी थी। समय रहते नालों की सफाई नहीं होने पर यह स्थिति फिर बन सकती है।

200 से अधिक को नोटिस, कार्रवाई नहीं
नगर पालिका खुद मानती है कि शहर में पानी भराव की समस्या का मुख्य कारण नालों पर अतिक्रमण का होना है। शहर में 200 से अधिक लोगों को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन कार्रवाई किसी पर भी नहीं हो सकी। नालों में जमा होने वाला यह पानी घरों में भर जाता है।

बाढ़ नियंत्रण की सिर्फ एक बैठक
जिला प्रशासन ने 9 मई को बैठक बुलाई थी, जिसे स्थगित कर 11 मई को हुई। कोरोना संक्रमण के चलते दूसरी बैठक 21 मई तक नहीं हो सकी है। सभी नगरीय, अनुविभाग व जनपद स्तरों से प्लान ही तैयार नहीं हुआ है। जिला बाढ़ नियंत्रण कार्ययोजना भी नहीं बन सकी है।

बाढ़ से निपटने की अधूरी तैयारी
नर्मदा-तवा तटीय गांवों सहित शहरी इलाकों में नालों से हर साल बाढ़ से जूझना पड़ता है। निचली बस्तियों संजय नगर ग्वालटोली, आदमगढ़, पीलीखंती, तिवारी कॉलोनी, रहवासी क्षेत्रों में पानी भरता है। बचाव के लिए बोट व डोंगे तक चलाने पड़ते हैं। आनंद नगर, आदमगढ़ बीटीआई, भीलपुरा के क्षेत्र में झाडिय़ों के कारण पानी भराव की स्थिति बनती है। इस बार 21 मई तक जिला व नगर प्रशासन बाढ़ नियंत्रण की तैयारियां पूरी नहीं कर सका है।

नालों की सफाई के लिए 12 लोगों का दल बनाया है, अभी शहर की छोटी-छोटी नालियों की सफाई चल रही है। 31 मई तक काम पूरा कर लिया जाएगा। नालों पर अतिक्रमण के मामले में अभी जहां पानी भरने की स्थिति बनती है, वहां हटवाया जा चुका है। अन्य अतिक्रमण के मामलों में जिला प्रशासन और पुलिस को सहयोग के लिए पत्र लिखा है।
माधुरी शर्मा, नपा सीएमओ होशंगाबाद

जिले में अतिवर्षा-बाढ़ से लोगों को बचाने हाल ही में बैठक हुई है। सभी एसडीएम-तहसीलदारों, निकायों के सीएमओ, जनपदों के सीईओ को बारिश शुरू होने से पहले बचाव की तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं। पहुंच विहीन गांवों में खाद्यान्न का भंडारण के साथ जिला स्तर पर भी बाढ़ नियंत्रण की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
- धनंजय सिंह भदौरिया, कलेक्टर होशंगाबाद

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शहर के अंदर के नालों की नहीं हुई सफाई
इटारसी. नगरपालिका के स्वच्छता विभाग ने 20 दिन पहले मानसून के लिए नाले-नालियों की सफाई का अभियान शुरू किया था। शहर में बाढ़ की वजह बनने वाले सीपीई इलाके के बड़े नाले की सफाई तो हो गई लेकिन शहर के अंदरूनी हिस्से से गुजरने वाले नालों का काम होना बाकी है। शहर के अंदरूनी हिस्सों में मेहरागांव, बूढ़ी माता मंदिर के पीछे, जाटव मोहल्ला, बंगलिया, सांकरिया पुल क्षेत्र सहित अन्य इलाकों से नाले बहते हैं। नपा अब तक बड़े नालों के साथ शहर की नालियों की सफाई पर लगी थी। जल्द ही नपा का सफाई अमला अब शहर के अंदर से गुजरने वालों की सफाई के काम में जुटेगा। स्वच्छता विभाग ने नाले-नालियों की सफाई के लिए एक दर्जन से ज्यादा कर्मचारी और जेसीबी मशीन लगा रखी है। नपा इन क्षेत्रों में से बहने वाले नालों की सफाई के साथ ही उन पर काबिज अतिक्रमण भी हटाएगी।

इनका कहना है
हमने 20 दिन पहले काम चालू कर दिया था। शहर में बाढ़ लाने वाला सीपीई क्षेत्र का बड़ा नाला साफ कर दिया है। नालियों की सफाई का काम चल रहा है। जल्द अंदरूनी नालों की सफाई चालू करने वाले हैं।
आरके तिवारी, स्वच्छता निरीक्षक नपा इटारसी

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बृजेश चौकसे Editorial Incharge
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