तीन साल बाद वरद गणपति विराजेंगे आपके घर, जाने क्या है वरद गजानन

तीन साल बाद वरद गणपति विराजेंगे आपके घर, जाने क्या है वरद गजानन

poonam soni | Publish: Sep, 11 2018 12:42:00 PM (IST) Hoshangabad, Hoshangabad, Madhya Pradesh

स्वाति नक्षत्रों के साथ आएगें आपके द्धार

होशंगाबाद. गणेश चतुर्थी पर विशेष संयोग में गणपति प्रतिमाओं की स्थापना की जाएगी। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी पर 13 सिंतबर को गुरु स्वाति, रवि योग में वरद नाम के साथ गणपति पांडालों में विराजमान होंगे। यह गणपति तत्काल इच्छाओं की पूर्ति का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। इसलिए इनको वरद गणपति कहते हैं। आचार्य सोमेश परसांई ने बताया कि चतुर्थी पर ऐसा योग तीन साल बाद बन रहा है। स्थापना को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। आचार्य परसांई के अनुसार २७ नक्षत्रों में स्वाति नक्षत्र सबसे शुभ माना गया है। गणेश चतुर्थी पर रवि व बरद होने से इस दिन का महत्व और बढ़ जाता है। इन सब के अलावा वाणिज्य बालक करण योग भी इस दिन बनेगा। अर्थात् जो भी बालक भगवान गणेश की अराधना करेगा उसे विधा के साथ सुख शंाति और विघनोंं का हरण होगा।

23 को अनंत चतुर्शी: गणेश चतुर्थी पर घर-घर मिट्टी के गजानन विराजमान किए जाएंगे। आचार्य सोमेश परसांई ने बताया कि अनंत चतुदर्शी 23 सिंतबर को गणेश विसर्जन होगा, वहीं पंचकों में भी विसर्जन कर सकते हैं।
गणेश स्थापना के मुहूर्त
सुबह 6 से 7.30 बजे तक
सुबह 10.30 से दोपहर 3 बजे तक
शाम 4.30 से रात्रि 10 बजे तक

मूर्ति से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश
जिला प्रशासन बाल संरक्षण द्वारा किशोर न्याय बोर्ड अंतर्गत विधि विवादित किशोरों को मूर्तिकला का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण जिला पंचायत परिसर में दिया गया। भविष्य विशेष विद्यालय से आए प्रशिक्षक योगेश शर्मा एवं टीम ने किशोरों को ईको फ्रेंडली मूर्ति बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। मूर्ति बनाने के माध्यम से समाज में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश देने वाली प्रतिमाओं का निर्माण भी किया गया। इस अवसर पर मौजूद प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड विजय कुमार पाठक ने कहा कि इस प्रकार की विभिन्न गतिविधियां आयोजित करने से विधि विवादित किशोरों को समाज की मुख्य धारा में जोडने में सहायक सिद्ध होंगी। कार्यक्रम में अफरोज खान, जिला बाल संरक्षण अधिकारी सतीश भार्गव, परिवीक्षा अधिकारी श्याम कुमार शर्मा मौजूद थे।

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