forgiveness: संयुक्त परिवार कम होने से क्षमा मांगना भूल रही युवा पीढ़ी

युवाओं को अपनी गलती पर माफी मांगना या फिर सॉरी बोलना अपमान लगता है।

By: poonam soni

Published: 07 Jul 2019, 06:22 PM IST

होशंगाबाद. Sorry, I Apologize और it's ok यह शब्द हैं बहुत छोटे लेकिन इनके मायने ऐसे हैं कि यह रिश्तों में पड़ी दरारों को कुछ पलों में ही मिटा देते हैं। आज के दौर में माफी मांगना गुम हो गया है, युवाओं को अपनी गलती पर माफी मांगना या फिर सॉरी बोलना अपमान लगता है। मनोवैज्ञानिक रागिनी दुबे का कहना है कि इसका सबसे बड़ा कारण बच्चों का घर में ज्यादातर समय अकेला रहना है। जिससे बच्चे आक्रोशित हो रहे हैं। आज संयुक्त परिवार खत्म हो रहे हैं। इससे बच्चे अपनी गलतियों को मानना या क्षमा स्वीकारना भूल गए है।

 

लाइफस्टाइल बड़ा कारण
आजकल बदलती लाइफस्टाइल भी इसका बड़ा कारण है। पहले माता-पिता जहां से गुजरते थे, बच्चे उनके सम्मान में उठ जाते थे। गलती होने पर आवाज नहीं निकालते थे। लेकिन आज बच्चे माता-पिता को सॉरी बोलने की बजाए उन्हे जबाव देते हैं।

चंदन सूर्यवंशी, अभिभावक

 

समाज की संरचना से सुधार
किसी भी गलती पर क्षमा मांगना इनका स्वाभिमान है। अगर इसे ठीक करना है तो सबसे पहले समाज की संरचना को सुधारना होगा।
रागिनी दुबे, मनोवैज्ञानिक

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