scriptGood increase in area and productivity of gram in the district | एक्सक्लूजिव: जिले में चने के रकबे और उत्पादकता में अच्छी बढ़ोतरी, अब फसल को संभालने की जिम्मेदारी | Patrika News

एक्सक्लूजिव: जिले में चने के रकबे और उत्पादकता में अच्छी बढ़ोतरी, अब फसल को संभालने की जिम्मेदारी

-रकबा 35 हजार 740 हैक्टेयर से बढ़कर 60 हजार 370 हैक्टेयर हुआ
-जिले में इस बार 15 लाख 39 हजार 435 क्विंटल पैदावार की संभावनाएं

होशंगाबाद

Updated: January 13, 2022 01:43:05 pm

देवेंद्र अवधिया
होशंगाबाद. जिले में चने की फसल के रकबे में बीते पांच सालों की तुलना में भारी बढ़ोतरी की गई है। किसानों को अब अच्छे उत्पादन के लिए फसल की उचित देखभाल की जरूरत है। रकबा 35 हजार 740 हैक्टेयर से बढ़कर 60 हजार 370 हैक्टेयर यानी दुगना हो चुका है। उत्पादकता भी 2250 किलोग्राम से बढ़कर 2550 किलोग्राम हो गई है। फसल अच्छी है, लेकिन कीट प्रकोप से बचाने की जरूरत पड़ रही। इस बार के सीजन में 15 लाख 39 हजार 435 क्विंटल उत्पादन का अनुमान लगाया गया है। जिले में चने की औसत पैदावार 20-25 किलोग्राम प्रति हैक्टेयर प्राप्त हो रही है। बाजार भाव भी अच्छे हैं। 4500-5000 रुपए प्रति क्विंटल पर किसानों से खरीदी जाएगी।

इसलिए बढ़ रहा चने का रकबा
चना दलहन की प्रमुख फसल है। लगातार अल्पवर्षा के साथ चने की बढ़ती डिमांड, बाजार भाव में तेजी से रकबे में बढ़ोतरी हो रही है। कम लागत तकनीक व आय में वृद्धि के साथ ही केंद्र शासन के समर्थन मूल्य पर खरीदी होने से किसानों का रुझान चना फसल की तरफ बढ़ा है। बीते साल चना समर्थन मूल्य 5100 रुपए प्रति क्विंटल से खरीदा गया था। इस वर्ष 5230 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है।

ऐसे बढ़ता जा रहा क्षेत्राच्छादन
वर्ष - क्षेत्र (हजार है. में)-उत्पादकता (किग्रा/है.)-उत्पादन (क्विंटल में)
2017-18: 35740 : 2250 : 804150
2018-19: 38600 : 2300 : 887800
2019-20: 12920 : 2450 : 316540
2020-21: 24230 : 2500 : 605750
2021-22: 60370 : 2550 : 1539435

ये हैं अनुशंसित प्रजातियां
जिले में चने की प्रमुख किस्म में जेजी-218, जेजी-322, जेजी-14, जेजी-11, जेजी-130, जेजी-16, जेजी-63 एवं जेजी-9218 किसानों व्दारा मुख्य रूप से बोई जा रही है।

पाले से ऐसे बचाएं फसल को
कृषि विभाग ने किसानों को चने की फसल को पाले से बचाने के लिए सलाह दी है कि गंधक की 0.1 प्रतिशत मात्रा अर्थात एक लीटर गंधक के तेजाब को एक हजार लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें और खेतों के चारों तरफ धुआं करते रहें।

कीट प्रकोप पर ये करें उपाय
कृषि वैज्ञानिकों ने रोग नियंत्रण के लिए उकटा एवं जड़-सडऩ रोग से चने की फसल को बचाने 2 ग्राम थीरम व 2 ग्राम कार्बेन्डाजिम के मिश्रण से प्रति किलो बीज का उपचारित करने के उपाय बताए हैं।

इनका कहना है...
जिले में रबी की प्रमुख फसल में शामिल चने के रकबे और उत्पादकता में बीते पांच सालों में लगातार अच्छी बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान में फसल की स्थिति अच्छी है। किसानों को कीट प्रकोप से बचाने सलाह व उपाय बताए जा रहे हैं। जिले में चने का रकबा 35 हजार 740 हैक्टेयर से बढ़कर 60 हजार 370 हैक्टेयर पहुंच गया है। उत्पादकता भी 2250 किलोग्राम प्रति हैक्टेयर से बढ़कर 2550 किलोग्राम मिलने की संभावनाएं हैं।
-जेआर हेडाऊ, उप संचालक कृषि होशंगाबाद
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एक्सक्लूजिव: जिले में चने के रकबे और उत्पादकता में अच्छी बढ़ोतरी, अब फसल को संभालने की जिम्मेदारी
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