शासन दौड़ाता रहा कागजी घोड़े, ५०० करोड़ के प्रोजेक्ट रह गए अधूरे

तीन महीने बाद खत्म होगा नपा परिषद का कार्यकाल
लोगों को नहीं मिली सुविधा

By: Rahul Saran

Published: 05 Sep 2019, 12:34 PM IST

होशंगाबाद। होशंगाबाद नगरपालिका की परिषद ७ दिसंबर २०१४ को बनी थी और परिषद ने १३ जनवरी २०१५ से काम करना शुरू किया था। इस हिसाब से नपा का कार्यकाल अब तक ४ साल और ९ महीने का हो गया है। परिषद का कार्यकाल खत्म होने में अब केवल तीन महीने का वक्त रह गया है। १२ जनवरी २०२० को भाजपाशासित नगरपालिका का काम कार्यकाल खत्म होने जा रहा है। इतने लंबे कार्यकाल में बड़े प्रोजेक्टों पर केवल कागजी घोड़े दौड़ते रहे और देर होती रही। इस लेतलाली का ही परिणाम है कि शहर में कुल ५०० करोड़ रुपए की लागत वाले ४ बड़े प्रोजेक्ट अब तक पूरे नहीं हो पाए हैं।
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४ बड़े प्रोजेक्टों पर नजर
पहला प्रोजेक्ट- नया बस स्टेंड भोपाल तिराहा
भोपाल तिराहे पर नजूल की करीब ६ एकड़ जमीन पर नया बस स्टेंड बनाने की नपा ने योजना बनाई थी। इसके लिए नपा ने करीब २०० करोड़ रुपए से निर्माण करने का विचार किया था। इसके लिए प्रशासन से नजूल से जमीन का अधिपत्य देने की मांग की थी। प्रशासन ने नपा के मांगपत्र को शासन के पास विचार के लिए करीब दो साल पहले भेजा था।
देरी की वजह---अब तक शासन से उक्त जमीन का अधिपत्य ही नपा को नहीं मिल पाया है। जमीन नहीं मिलने से प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में पड़ा है।

दूसरा प्रोजेक्ट-कचरा क्लस्टर बाबइ

बाबई में इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट क्लस्टर बनाया जाना था। करीब ३ साल पहले इसकी स्वीकृति हुई थी। इसके लिए होशंगाबाद को क्लस्टर बनाया गया था। यह क्लस्टर करीब ६३ करोड़ की लागत से बनना है जो २० एकड़ जमीन पर तैयार होना है। इस क्लस्टर में आसपास के २६ नगरीय निकायों के कचरे का निष्पादन होगा।
देरी की वजह--शासन स्तर से इसमें टेंडर और वर्क ऑर्डर हो चुके हैं मगर अब तक काम चालू नहीं हुआ है।

तीसरा प्रोजेक्ट-सीवेज सिस्टम
वर्ष २०१८ में शहर के लिए सीवेज सिस्टम की स्वीकृति हुई थी। जर्मनी की बैंक केएफडब्ल्यू द्वारा इसके लिए करीब २०० करोड़ रुपए का फंड स्वीकृत किया गया है। शहर में सीवेज सिस्टम के तहत करीब २५० किमी लंबाई में पाइप लाइन बिछना है। इससे २८ हजार मकानों को जोड़ा जाना है। यह प्रोजेक्ट भी अभी धीमी रफ्तार से रेंग रहा है। इसमें कुछ दिन पहले सर्वे का काम पूरा हुआ है। अब नपा ने मालाखेड़ी में पहला पंपिंग स्टेशन बनाने का काम चालू किया है।
देरी की वजह--शहर की भौगोलिक स्थिति व लोगों के सर्वे में सहयोग नहीं करने के कारण इस काम मंे देरी हो रही है। अभी एक प्रस्तावित पंपिंग स्टेशन तक जाने के लिए एप्रोच रोड का मामला भी शासन के पास अटका हुआ है।

चौथा प्रोजेक्ट- सब्जी मंडी व्यवस्थापन
नपा ने वर्ष २०१६ में कोठी बाजार के पीछे नई सब्जी मंडी बनाने का काम चालू किया था। इस प्रोजेक्ट के तहत यहां पर करीब १५० चबूतरे व २१ पक्की दुकानें बनाई जाना थीं। इस पूरे प्रोजेक्ट पर नपा का लगभग ७० लाख रुपए खर्च हो चुका है। पक्की दुकानों का काम अब तक नहीं हुआ है। पक्की सब्जी मंडी बनने के बाद भी बाजार अब तक सड़कों के किनारे ही लग रहा है।
देरी की वजह- जनप्रतिनिधियों के बीच आपसी तालमेल की कमी व सब्जी विक्रेताओं की वहां ग्राहकी नहीं होने की गलतफहमी।
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इनका कहना है
नपा ने अपने स्तर से बड़े प्रोजेक्टों के लिए जो प्रयास हो सकते थे उन्हें पूरी ईमानदारी से किए हैं। कई प्रोजेक्ट शासन के पास तकनीकि कारणों से रुके हुए हैं इसलिए काम नहीं हो पा रहा है। हम फिर भी पूरा प्रयास कर रहे हैं कि कार्यकाल खत्म होने के पहले उन कामों को कम से कम चालू अवश्यक करा दें ताकि जब वे पूरे हों तो जनता को उसका लाभ मिले।
अखिलेश खंडेलवाल, नपाध्यक्ष होशंगाबाद

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