इन स्कूलों में बच्चों से ज्यादा मिलते हैं मवेशी, कारण सुन रह जाएंगे हैरान

इन स्कूलों में बच्चों से ज्यादा मिलते हैं मवेशी, कारण सुन रह जाएंगे हैरान

Pradeep Sahu | Publish: Sep, 11 2018 07:00:00 AM (IST) Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

लापरवाही के चलते स्कूल बना मवेशियों का डेरा

पिपरिया. शहर से सटे चार सरकारी स्कूल बाउंड्रीवाल न होने मवेशियों का डेरा बन गए हैं। लापरवाही इतनी की बाउंड्रीवाल के लिए राशि स्वीकृत हुई, लेकिन निर्माण एजेंसी उसका सदुपयोग तक नहीं कर पाई। शासन स्तर बाउंड्री निर्माण नहीं होने पर अब शिक्षक स्टॉफ चंदा कर जनसहयोग से बाउंड्री निर्माण बनवाने का संकल्प लिया है।
शहर से सटे हंथवास ग्राम पंचायत में संचालित तीन सरकारी स्कूलों में मवेशियों का डेरा रहता है। बाउंड्रीवाल नही होने से असमाजिक तत्वों का अड्डा भी स्कूल कैम्पस बन जाता है। यहां बालक माध्यमिक, प्राथमिक और कन्या माध्यमिक शाला एक ही स्कूल परिसर में संचालित हो रही है। थोड़ी से दूरी पर एक अन्य कन्या प्राथमिक शाला भी बिना बाउंड्रीवाल के चल रही है यहां भी यही परेशानी है। मध्याह्न के समय शिक्षक मवेशियों को डंडा लेकर भगाते हैं तब बच्चे भोजन कर पाते हैं।

तीन स्कूल बिना बाउंड्री के 560 विद्यार्थी, 24 शिक्षक परेशान: मिडिल स्कूल में 154, प्राइमरी बालक में 129 और कन्या माध्यमिक शाला में 277 विद्यार्थी दर्ज है। तीनों स्कूलों में कुल 21 शिक्षक और 03 प्रधान पाठक पदस्थ है। वहीं कन्या प्राथमिक शाला का हो जो कुछ दूरी पर बनी है यहां भी भूमि सीमांकन विवाद में बाउंड्रीवॉल निर्माण अधर में है।
शिक्षा के मंदिर को भामाशाह का इंतजार: शिक्षक और सरपंच की पहल पर बगैर किसी शासकीय मदद लिए बाउंड्री का काम शुरू हो गया। शिक्षकों और विद्यार्थियों को शिक्षा के मंदिर की प्रगति के लिए भामाशाह दानदाता का इंतजार हैं ताकि तीन स्कूलों की मजबूत बाउंड्रीवॉल निर्माण हो सके इसमें काफी राशि खर्च होगी।
साढ़े सात लाख आए, नहीं हुआ निर्माण - प्रधान पाठक बलीराम अहिरवार के अनुसार स्कूल बांउड्री निर्माण के लिए शासन से ७ लाख ७७ हजार की राशि वर्षो पहले स्वीकृत हो चुकी है। पंचायत को निर्माण कराना था लेकिन यह काम नहीं हो पाया स्वीकृत राशि अन्य स्कूल को हस्तांरित हो गई।

शिक्षकों ने किया चंदा, काम कराया शुरू- बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए वर्षो से शिक्षक उचित माध्यमों से आवेदन करते रहे हैं यह सबकी जानकारी में है लेकिन निर्माण नहीं हो पाया है। परेशान होकर 24 शिक्षकों ने करीब 48 हजार की राशि एकत्र कर बाउंड्री निर्माण कार्य प्रारंभ कराया है। ग्राम सरपंच ने नरसिंह रावत ने भी शिक्षकों की पहल की सराहना करते हुए करीब 25 हजार राशि की निर्माण सामग्री बाउंड्रीवॉल के लिए दी है। बाउंड्री का निर्माण शुरू हो गया है।

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