कोरोना वायरस से बचाने बंदियों से धुलवा हाथ, पहने रहे मास्क

कलेक्टर के निर्देश पर अपर कलेक्टर ने किया सेंट्रल जेल का निरीक्षण, भोजन एवं सोने की व्यवस्था में किया बदलाव, साफ-सफाई और सतर्कता के दिए गए निर्देश

By: devendra awadhiya

Published: 19 Mar 2020, 12:00 PM IST

होशंगाबाद. कलेक्टर धनंजय सिंह को आज सेंट्रल जेल का निरीक्षण करना था, लेकिन उन्होंने अपने प्रतिनिधि के रूप में अपर कलेक्टर जीपी माली को भेजा। माली ने सेंट्रल जेल के खंड-अ और नवीन जेल खंड-ब का निरीक्षण किया। कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण से बंदियों को बचाने के लिए जेल के अंदर साफ-सफाई, चिकित्सा एवं बचाव संबंधी सभी आवश्यक उपाय करने के जेल अधीक्षक ऊषा राज को निर्देश दिए। व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया है। बंदियों को एक साथ भोजन व सोने नहीं दिया जा रहा है। सर्दी-खांसी बुखार के संदिग्ध बंदी मरीजों के लिए अलग से आइसोलेशन वार्ड भी बनाया है। ऑब्जर्वेशन के लिए अलग से बैरक रखा गया है। अच्छी बात यह भी है कि जेल प्रशासन ने बंदियों के माध्यम से ही करीब 2 हजार मास्क भी बनवाए हैं। दोनों जेलों में एक हजार बंदी मास्क पहन रहे हैं।

अपर कलेक्टर ने देखे इंतजाम, बंदियों से की बात
अपर कलेक्टर माली ने सेंट्रल जेल के खंड-अ और ब दोनों का निरीक्षण किया। उन्होंने खंड-अ के छह बैरकों के 12 वार्डों का जायजा लिया। साफ-सफाई के इंतजाम देखे। बंदियों को मुंह पर मास्क पहने हुए पाया। बंदियों से बातचीत कर उन्हें स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने व साफ-सफाई पर ध्यान देने को कहा। बंदियों से सुविधाओं व समस्याओं के संबंध में भी चर्चा की। निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक ऊषा राज सहित जेलर मौजूद रहे।

बंदी सेनेटाइजर ले हाथ धोएं व मास्क का करें उपयोग
अपर कलेक्टर ने बंदियों को समझाइश दी कि वे सेनेटाइजर, टेबलॉन, डिटोल से हाथ धोते रहें और मुंह पर मास्क लगाएं। जेल अधीक्षक को निर्देश दिए कि बंदी के परिजन जब भी मिलने आएं तो उन्हें मिलने से पहले सतर्कता का पालन कराएं। एक साथ मिलान न हो, बल्कि एक-एक कर मुलाकात कराएं। बाहर की कोई भी खाने-पीने की वस्तु को जेल के अंदर न ले जाने दें।

बंदियों से पुराने कपड़े बदलाए, कमरे में रखे
जेल में बंदियों के सभी पुराने कपड़े बदलवा कर नए कपड़े दिए हैं। पुराने कपड़ों को एकत्रित कर एक कमरे में रखा है। पूछताछ केंद्र बनाया गया है। नए तरीके स वैरीकेट्स लगाए हैं। जेल के ऑफिस से लेकर बैरेकों व इनके वार्डों में डिटोल, सेनेटाइजर से हाथ धोने के इंतजाम किए गए हैं। यहां सभी बंदियों को मास्क दिए गए हैं। नए आने वाले बंदियों के लिए भी सतर्कता संबंधी नियम कड़े किए गए हैं। बंदियों को दूरी बनाकर अपोजिट साइड में बैरकों में सुलाया जा रहा है और योग अभ्यास में दूरी रखी जा रही है। एक साथ खाना न देकर अंतर से दिया जा रहा है।

नपा ने खरीदी जेल में बने एक हजार मास्क
जेल प्रशासन ने अपने बंदियों से करीब दो हजार मास्क बनवाए हैं। इनका वितरण किया गया है। जेल से नगरपालिका ने अपने कर्मचारियों के लिए एक हजार मास्क खरीदें हैं। जिला कोर्ट व जिला अस्पताल से भी मास्क की डिमांड आई है।

अभी सर्दी-खांसी, बुखार के एक भी मरीज नहीं
जेल प्रशासन के मुताबिक अभी दोनों जेलों में सर्दी-खांसी, बुखार के एक भी मरीज सामने नहीं आए हैं। करीब 25-26 बंदी ब्लड प्रेशर और 15-20 ब्लड शुगर से जरूर पीडि़त हैं। ज्ञात रहे कि खंड-अ में 550 एवं खंड-ब में 450 बंदी रह रहे हैं। इनमें 48 महिला एवं एक बच्चा भी शामिल है।

devendra awadhiya Reporting
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