यहां जारी किए जा रहे बिना टेस्ट ड्राइव के हैवी लाइसेंस

ड्राइविंग स्कूलों के प्रमाण-पत्र पर ही मिल रहा लाइसेंस

By: rajendra parihar

Published: 22 Aug 2017, 12:22 PM IST

होशंगाबाद. आरटीओ कार्यालय से हैवी वाहन लाइसेंस बिना टेस्ट ड्राइव के ही जारी हो रहे हैं। इसके लिए कोई टेस्ट ड्राइव नहीं हो रहा है। इससे सड़कों पर दुर्घटना की आशंका बढ़ी है। लाइसेंस केवल ड्राइविंग स्कूलों के प्रमाण पत्र के आधार पर ही जारी हो रहे हैं। ऐसे में कई बिचौलिए स्कूलों के फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर लाइसेंस जारी करवाने में भी लगे हैं। इसके लिए वे मोटी फीस वसूल रहे हैं। दरअसल, आरटीओ कार्यालय बस स्टैंड परिसर में ही संचालित हो रहा है। कार्यालय केे पास पर्याप्त स्थान नहीं होने से लाइसेंस जारी करने विभाग मानकों का पालन नहीं कर पा रहा है। विभाग द्वारा हर साल भारी वाहनों के लिए लाइसेंस जारी कर रहा है। विभाग के पास ट्रैक नहीं होने से बिना वाहन चलाए ही लाइसेेंस जारी किए जा रहे हैं।
मोटर ड्राइविंग स्कूल ही सहारा
वि भाग के पास ट्रैक की व्यवस्था नहीं होने के बाद भी लाइसेंस जारी होने की बात पर अधिकारियों को कहना है कि मोटर ड्राइविंग स्कूलों द्वारा जारी किए गए प्रमाण पत्र को ही आधार मना जा रहा है। आलम यह है कि जिले में संचालित निजी ड्राइविंग स्कूल ही लाइसेंस के लिए सहारा बने हुए हैं।
नए भवन के लोकार्पण में समय
मुख्यालय पर नया आरटीओ कार्यालय का अधिकतर काम पूरा हो गया है। अधिकारियों की माने तो सितंबर में कार्यालय नए भवन में सिफ्ट हो जाएगा। वर्तमान में आरटीओ कार्यालय राज्य परिवहन की पुरानी वर्कशॉप में संचालित हो रहा है। वहीं नया भवन आईटीआई रोड पर आईजी कार्यालय के पास बन रहा है। इस कार्यालय में ट्रैक सहित अन्य व्यवस्थाएं है। साथ ही यह कार्यालय आरटीओ विभाग की जमीन पर ही बन रहा है।
वर्ष बस ट्रक/ डंपर लाइसेंस
२०१४-१५ ०४ ३५ ०८
२०१५-१६ २३ २८ १२
२०१६-१७ १८ २० १०

स्कूली बसों में थी ओवरलोडिंग, आरटीओ ने की कार्रवाई
होशंगाबाद. आरटीओ ओवर लोड वाहनों को लेकर सख्ती दिखाने लगे हैं। सोमवार को आरटीओ मनोज तेनगुरिया ने दिनभर वाहनों की जांच पड़ताल की। इस अभियान में टीम ने सड़कों पर दौडऩे वाली स्कूल बसों की जांच की। जांच के दौरान दौरान 12 वाहन ओवर लोड पाए गए। इन सभी वाहनों पर करीब 32 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इसमंें ७ स्कूल बसों और ५ यात्री बसों पर कार्रवाई की गई है। जांच के दौरान यात्री बसों से पीछे की जाली तथा प्रेशर हार्न निकलवाए गए हैं। आरटीआे मनोज तेनगुरिया ने बताया कि अभी निरंतर इस तरह की कार्रवाई आगे भी की जाएगी।
यह मिली कमियां
बसों में फस्र्ट एड बॉक्स नहीं मिले। जहां मिले भी तो उसमें दवाएं एक्सपायर हो चुकी थीं।
स्कूल बसों और यात्री बसों में इमरजेंसी विंडो तो बनाई गई थी। लेकिन ठीक तरह से ऑयलिंग नहीं होने के कारण जाम हो गई थीं।
कुछ बसों में अग्निशामक यंत्र नहीं मिले, जिन बसों में यंत्र मिले भी तो उसे बस का कंडक्टर और ड्राइवर चला नहीं सके।
यात्री बसों में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाया गया था।

rajendra parihar Reporting
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