Heavy Rain नर्मदा का रौद्र रूप देखकर याद आई 1973 की भीषण बाढ़, आज के ही दिन पानी-पानी हुआ था पूरा शहर

सुबह 9 बजे तक नर्मदा का जलस्तर 973 फीट तक पहुंच गया है। जो खतरे के निशान से 6 फीट ऊपर चल रहा

By: sandeep nayak

Updated: 29 Aug 2020, 10:35 AM IST

होशंगाबाद/ 29 अगस्त 1973 का दिन। जब लोगों की सुबह आंख खुली थी नर्मदा उफन रही थी। कई मोहल्लों में पानी भर चुका था। 29 अगस्त 2020 को भी नर्मदा एक बार फिर से उफान पर है। जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर चल रहा है। कई मोहल्लों में पानी भरने के कारण उन्हे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। सुबह 9 बजे तक नर्मदा का जलस्तर 973 फीट तक पहुंच गया है। जो खतरे के निशान से 6 फीट ऊपर चल रहा है। नर्मदा के उफान पर आने के बाद निचली बस्तियों में बाढ़ के हालात से निपटने के लिए एनडीआरएफ की मदद ली जाएगी। बता दें कि नर्मदा का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंचने के बाद यह पानी निचली बस्तियों में घुसने लगता है। शनिवार सुबह से ही इन बस्तियों के रहवासियों के लिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

24 घंटे में बारिश की स्थिति
पचमढ़ी : 228.0 मिमी
होशंगाबाद : 208.8 मिमी
बैतूल 166.4 मिमी
भोपाल शहर 97.9 मिमी
गुना 34.9 मिमी

यह हुआ था 29 अगस्त 1973 को
होम साइंस कॉलेज के पास बनी पिचिन के टूटने से शहर के कई हिस्सों में पानी पहुंच गया था। देखते ही देखते पूरे शहर में पानी भर गया था। कई मकान भी धराशायी हो गए थे। तूफानी बरसात में जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया था। बच्चे, महिलाएं सभी अपनी जीवन रक्षा के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भाग रहे थे।

इस बार फिर से जिले में रिटर्न 1973 जैसे हालात
29 अगस्त 1973 में भी बारिश के साथ तीनों बांधों के गेट खोल दिए जाने से बाढ़ आई थी, ऐसे ही हालात 47 साल बाद फिर आज के दिन 29 अगस्त 2020 में भी बन रहे हैं। जिसमें सराफा चौक के पास तक नर्मदा का पानी पहुंच गया था। तटीय बस्तियां भी जलमग्न हो गईं थी। बीटीआई, एसपीएम पुलिया, महिमा नगर, ग्वालटोली रोड, धानाबड़, बांद्राभान में बैक वाटर भरा रहा है।

घानाबड़ में खेत में फंसे तीन लोग
नर्मदा-तवा के संगम स्थल बांद्राभान के पास के घानाबड़ गांव में बाढ़-बारिश का पानी भरा रहा है। यहां तीन लोग एक खेत में फंस गए हैं। होमगार्ड का दल मौके पर पहुंच गया है। पर्यटन कोरीघाट जलमग्न हो गया है।

बालाभेंट में भराया बाढ़ का पानी
जिला होमगार्ड कमांडेंट आरकेएस चौहान ने बताया कि तटीय गांव बालाभेंट में बाढ़ का पानी भरा रहा है। वहां गोताखोर के दल को बोट के साथ पहुंचाया गया है। घानाबड़ में कुछ लोग बाढ़ से बचने के लिए पुल के ऊपर जाकर बैठ गए हैं। बचाव दल को पहुंचाया गया है। बांद्राभान में दिवस बसेरा में शिफ्ट किया जा रहा है।

sandeep nayak Desk/Reporting
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