बैतूल की भाभी, होशंगाबाद का देवर, कैसे कर सकता है दहेज के लिए प्रताडि़त

हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा....जब देवर होशंगाबाद का और भाभी बैतूल की तो.....

होशंगाबाद। भाभी बैतूल की देवर होशंगाबाद तो फिर कैसे दहेज के लिए प्रताडि़त कर सकता है। यह बात मप्र हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कही गई। जब देवर होशंगाबाद में रह रहा था तो उसने बैतूल में रह रही अपनी भाभी से दहेज की मांग कैसे कर दीÓ? इस मत के साथ जस्टिस जेपी गुप्ता की सिंगल बेंच ने होशंगाबाद के सरकारी जिला अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर के खिलाफ बैतूल जिला अदालत में लंबित प्रकरण निरस्त कर दिया।


यह है मामला
होशंगाबाद जिला अस्पताल में संविदा पर कार्यरत डॉक्टर नितिन मौसिक ने याचिका दायर कर कहा कि उनके भाई नरेंद्र मौसिक का विवाह भोपाल निवासी पूर्णिमा से 11 मई 2014 को हुआ। भाभी पूर्णिमा बैतूल में भाई व परिवार के साथ रह रही थी। चार साल बाद 18 जुलाई 2018 को भाभी ने उसके भाई, माता-पिता व उसके खिलाफ दहेज प्रताड़ता की शिकायत की। शिकायत में उसने कहा कि दहेज के लिए प्रताडि़त करते हुए उसे उसके पति, सास-ससुर व देवर ने ससुराल से निकाल दिया। शिकायत पर बैतूल में याचिकाकर्ता के भाई, माता, पिता सहित याचिकाकर्ता पर भी प्रकरण दर्ज कर लिया गया।

यह मामला बैतूल में भी लंबित
यह मामला बैतूल जिला अदालत में लंबित है। अधिवक्ता शिशिर सोनी ने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता बैतूल में अपने परिजनों के साथ नहीं रहता। वह होशंगाबाद में कार्यरत है और वहीं रहता है। याचिकाकर्ता पर प्रताडि़त करने के आरोप के समर्थन में कोई साक्ष्य नहीं है। बल्कि पूरे परिवार को परेशान करने की नीयत से शिकायत की गई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने तर्क स्वीकार कर कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता। लिहाजा बैतूल में लंबित प्रकरण निरस्त किया जाए।

Show More
poonam soni
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned