4 माह के मासूम के दिल में छेद, ऑपरेशन कराने की अनुमति मांगने भटकता रहा परिवार, मौत

4 माह के मासूम के दिल में छेद, ऑपरेशन कराने की अनुमति मांगने भटकता रहा परिवार, मौत

Sandeep Nayak | Publish: Sep, 05 2018 12:08:10 PM (IST) Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

समय पर नहीं मिली दिल में छेद का ऑपरेशन कराने अनुमति

होशंगाबाद. दिल में छेद होने पर ऑपरेशन की अनुमति देरी से मिलने पर एक 4 माह के मासूम की मौत हो गई। मुंबई ले जाते समय बच्चे ने खंडवा के पास दम तोड़ दिया। घटना 31 अगस्त की है। मामले में सीएमएचओ को प्राथमिक सूचना भी नहीं दी गई। जिससे स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आ रही है।
दरअसल, ग्वालटोली में रहने वाले रंढाल के लीलाधर मालवीय के ४ माह के बेटे यावेद मालवीय के दिल में छेद था। उपचार के दौरान सिर में पसीना आने पर बच्चे की जांच कराने पर दिल में छेद होने का पता चला।
इसके बाद लीलाधर का परिवार निरंतर विभाग के संपर्क में रहा। 27 अगस्त को बेटे की हालत नाजुक बताते हुए आरबीएसके माध्यम से मुंबई के नारायणन हॉस्पिटल में ऑपरेशन कराने की अनुमति मांगन के लिए आवेदन दिया। तीन दिन तक अनुमति नहीं मिलने के बाद 30 अगस्त को सोहागपुर विजयपाल के हस्तक्षेप के बाद विभाग ने शाम 4.30 अनुमति दिलाई गई। परिजन 31 अगस्त को कामायनी एक्सप्रेस से मुंबई के लिए रवाना हुए लेकिन बच्चे ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

 

अप-डाउन कर रहा आरबीएसके कोऑर्डिनेटर
बताया जाता है कि आरबीएसके कोऑडर्नेटर जिला मुख्यालय पर नहीं रहा है। एेसे में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार को-ऑर्डिनेटर मुख्यालय पर नहीं रहने के कारण पत्र इशू होने में देरी हुई है। जबकि आरबीएसके को-ऑर्डिनेटर ने बच्चे के परिजनों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वो झाड़ फूंक में लगे थे।

सीएमएचओ की कमजोर मॉनिटरिंग
मामले में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही भी सामने आई है। क्योंकि सीएमएचओ को प्राथमिक जानकारी तक नहीं दी गई है। एेसे में सीएमएचओ की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं।

 

इनका कहना है
हम तीन दिन तक परेशान रहे। समय पर पत्र मिलने पर बच्चे की जान बच जाती। विधायक विजयपाल के यहां से फोन लगाने पर हमें ३० अगस्त को लेटर दिया गया। ३१ अगस्त को खंडवा के पास बच्चे ने दम तोड़ दिया। हमें किसी से शिकायत नहीं करनी है, बच्चा हमारे हाथ से चला गया।
- लीलाधर मालवीय, पीडि़त

बच्चे के परिजन झाड़-फूंक में लगे रहे। इसके कारण देरी हुई है। आप बच्चे के परिजनों से बात कर लें।
- विजेंद्र वर्मा, को-ऑर्डिनेटर आरबीएसके होशंगाबाद

अभी बाहर हूं, मुझे एेसे किसी भी प्रकरण की जानकारी ही नहीं दी गई। लौटकर मामले की जांच करवाता हूं।
- डॉ.पीके चतुर्वेदी, सीएमएचओ होशंगाबाद

इस तरह बच्चे की मौत होना दुखद है। आरबीएसके की टीम का काम एेसे बच्चों को खोजना है। मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी। जिसके कारण अनुमति देने में देरी हुई है।
- प्रियंकादास कलेक्टर होशंगाबाद

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