कबाड़ बीनने वालों ने कबाड़ से ही बनाए वाद्य यंत्र...फिर आर्टिस्ट मंच पर मचा धमाल...देखें वीडियो

ghanshyam rathor

Publish: Oct, 13 2017 02:12:35 (IST)

Hoshangabad, Madhya Pradesh, India
कबाड़ बीनने वालों ने कबाड़ से ही बनाए वाद्य यंत्र...फिर आर्टिस्ट मंच पर मचा धमाल...देखें वीडियो

ड्रम, खाली डिब्बों से बनाए वाद्य यंत्र, रंगारंग संगीत की दी प्रस्तुति।

बैतूल। परिंदों को तामील नहीं दी जाती उड़ानों की...। वो खुद ही बुलंदियां छू लेते हैं आसमानों की...। कुछ ऐसे हैं शहर के स्लम एरिये ओझाढाना में रहने वाले गरीब बच्चे। जिन्होंने कचरे में पड़े ड्रम, खाली डिब्बों से वाद्य यंत्रों का रुप दिया। रुप ही नहीं जब सार्वजनिक मंच से इनकी प्रस्तुति दी गई तो हर कोई इनको देखकर दंग रह गया।
जिला प्रशासन के सहयोग से नगरीय निकाय एवं न्यू दर्पण वेल फेयर सोसायटी द्वारा सेव गल्र्स चाईल्ड-डे पर बुधवार को शानदार आयोजन किया गया। जिसमें इन बच्चों ने शानदार प्रस्तुति दी। साथ ही अपनी कला अद्भुत प्रदर्शन किया बल्कि स्ट्रीट आर्टिस्ट बनकर मंच पर जमकर धमाल भी मचाया।

रोमांचित किया महसूस
आमतौर पर कचरे के ढेर से कबाड़ बीनकर घर परिवार चलाने वाले इन बच्चों को जब सार्वजनिक मंच मिला और हजारों लोगों के सामने उन्होंने प्रस्तुति दी तो वह भी सभी रोमांचित हो उठे। इनके चेहरे भी खिल उठे।

 

ड्रम, डिब्बे और बाल्टी से बनाए वाद्य यंत्र
ओझाढाना के बच्चों द्वारा मंच पर वाद्य यंत्रों के साथ प्रस्तुति दी गई थी। यह वाद्य यंत्र बच्चों द्वारा ही बनाए गए थे। वाद्य यंत्रों को बनाने में खाली ड्रम, डिब्बे, बाल्टी सहित अनुपयोगी सामान का इस्तेमाल किया था। जिसमें से निकले संगीत के सात सुरों ने सभी का मन मोह लिया। इन बच्चों की कला और प्रतिभा देखकर दर्शकों ने तालियों की गडग़ड़ाहट के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।

वहीं जिला प्रशासन का कहना था कि प्रतिभाएं हमारे चारों तरफ बिखरी पड़ी है सिर्फ उन्हें पहचानकर निखारने भर की जरूरत है। इसी उद्देश्य के चलते यह आयोजन कराया गया है। जिसमें ऐसे बच्चों को सामने आया गया है जिन्होंने कभी मंच नहीं देखा था लेकिन पहली बार मंच पर उतरने के बाद अपना नाम का डंका बचा दिया है। हम इन बच्चों को किसी मुकाम पर पहुंचा सके यही हमारा प्रयास होगा।

419 बच्चों ने लिया हिस्सा
शासकीय कन्या शाला गंज में प्राइवेट और शासकीय स्कूलों के 419 छात्रों ने चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लिया। इसके पूर्व सुबह 6 बजे से 8 बजे तक योगा, एरोबिक्स, जुम्बा, पीटी एवं अन्य शारीरिक गतिविधियां आयोजित की गई । सायं 5.30 बजे से रात्रि 9.30 बजे तक लोक कलाकारों का मेला, स्वागत गीत/समूह गीत, स्वच्छता विषय पर आधारित समूह गान, ओझा आर्केस्ट्रा-स्ट्रीट आर्टिस्ट, बच्चों सावधान रहो, छात्राओं का सम्मान, दो आदर्श परिवारों से चर्चा, नृत्य नाटिका- रोशनी की ओर, हमारा पर्यावरण, कविता कोलॉज बेटियों का संसार, दिव्यांग बच्चों द्वारा समूहगान, नाटक, पर्यावरण चेतना, नृत्य नाटिका- ओह मेरी रचना, आदिवासी नृत्य, नृत्य नाटिका-नारी शक्ति जैसी गतिविधियां प्रस्तुत की जाएगी। इन कार्यक्रमों में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय दिल्ली के कलाकार पिछले दिनों से बैतूल में रहकर छात्राओं को प्रशिक्षित कर रहे हैं। यह प्रशिक्षित छात्राएं अपनी बेहतर नाट्य प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी।

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