इस विभाग में अयोग्य रिश्तेदारों को किया गया था भर्ती, अब 139 पर लटकी तलवार

आउट सोर्सिंग से कराई थी भर्ती, पीएमओ और मानव अधिकार आयोग से शिकायत के बाद कार्रवाई

होशंगाबाद/बिजली कंपनी में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती में फर्जीवाड़े की शिकायत के बाद ११ कर्मचारियों को हटाने के आदेश जारी किए गए हैं। जबकि १३९ पर तलवार लटकी हुई है। पात्र नहीं होने के बाद भी इनकी भर्ती की गई थी। इनमें कई कंपनी के अधिकारियों के नाते-रिश्तेदार भी हैं। इस मामले की शिकायत पीएमओ और मानव अधिकार आयोग में भी की गई है।
महाप्रबंधक वृत्त कार्यालय होशंगाबाद द्वारा पिछले माह तय मापदंड के अनुसार कार्य न करने और विद्युत कंपनी को आर्थिक हानि पहुंचाने के कारण 11 आउटसोर्स कर्मचारियों को हटा दिया गया था। लेकिन यह अब भी पिपरिया कार्यालय क्षेत्र में कंपनी में काम कर रहे हैं। कंपनी में आउट सोर्स काम के लिए आईआईटी की डिग्री सहित अन्य योग्यताएं मांगी गई थी जो इनके पास नहीं थी। महाप्रबंधक डीबी ठाकरे द्वारा दोषी अधिकारी एवं कर्मचारी के विरूद्ध मंडल कंपनी के नियमों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने भोपाल को जांच प्रतिवेदन बना कर भेजा गया है। इससे पहले बिजली विभाग में सेवा देने वाली दो निजी कंपनियों ने भी इसी तरह वर्ष २०१५ और वर्ष २०१७ में अपात्र कर्मचारियों को रखा था। अब भी एेसे १३९ कर्मचारी काम कर रहे हैं। इन्हें साढ़े आठ हजार रुपए मासिक वेतन दिया जाता है।

शिकायत के बाद खुली पोल
आउटसोर्स और विभाग के अधिकारी कर्मचारियों की मिलीभगत के कारण उपभोक्ताओं से छोटे-छोटे काम के पैसे लिए जा रहे थे। इससे कई उपभोक्ता परेशान थे। इसी को लेकर शिकायतकर्ता बलजीत साहू और मुरलीधर साहू ने भर्ती घोटाला में लिप्त अधिकारी और कर्मचारियों की शिकायत की थी। मामले में कार्रवाई नहीं होने पर मानव अधिकार आयोग अध्यक्ष और प्रधानमंत्री को भी शिकायत भेजी थी। यहां से उचित कार्रवाई के लिए विभाग को पत्र मिले थे। इसके बाद जांच में पता चला कि अयोग्य नाते-रिश्तेदारों की भर्ती की गई।

एेसे रखे गए यह कर्मचारी
विद्युत विभाग में नियमित कर्मचारियों की कमी के कारण विभाग द्वारा अवश्कतानुसार सेवा प्रदाता कंपनियों के मध्यम आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती करता है। मप्र क्षेत्र वि़द्युत वितरण कंपनी लिमिटेड भोपाल को आउटसोर्स कर्मचारियों को रखने निजी कंपनी से अनुबंध है। इनके माध्यम से कम्प्यूटर आपरेटर, सबस्टेशन आपरेटर, राजस्व सहायक, लाईन अटेंडेन्ट, कुशल कर्मचारी, सिक्यिूरिटी गार्ड आदि पदों पर कर्मचारी रखे जाते हैं। सभी पदों पर स्थानीय स्तर पर अधिकारियों की सांठगांठ से कंपनी ने अनुभवहीन एवं अप्रशिक्षित और अयोग्य कर्मचारियों को रख लिया था।
&हमने एेसा सॉफ्टवेयर विकसित किया है कि जहां एक बार कर्मचारी को हटाने के बाद उसकी एंट्री दूसरी बार नहीं हो सकेगी। पूरे मामले की जांच चल रही है, उक्त फाइल की जानकारी ली जाएगी कि आगे क्या किया गया है। वहीं अन्य की भी स्केनिंग कराई जाएगी।
- मनोज द्विवेदी, पीआरओ एमपीईबी होशंगाबाद

sandeep nayak
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