Kayakalp-4: प्रदेश की टॉप-फाइव सूची में नाम दर्ज कराने की जद्दोजहद

रिव्यू टीम ने गंदगी और अव्यवस्थाओं पर काटे नंबर, टॉप-10 से तीसरे स्थान पर खिसका होशंगाबाद

By: poonam soni

Updated: 22 Dec 2019, 01:20 PM IST

होशंगाबाद. कायाकल्प-4 के लिए जिला अस्पताल के किए गए दावों पर रिव्यू टीम ने पानी फेर दिया है। अस्पताल प्रबंधन ने खुद को 83.2 प्रतिशत अंक दिए थे। टीम ने प्रबंधन के दावों के मुताबिक सत्यापन किया और गंदगी व अन्य खामियां मिलने पर 13 नंबर काट लिए। जिससे राज्य स्तरीय रिव्यू रैंकिंग में जिला अस्पताल 70.2 अंक के साथ प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में नंबर 30 पर पहुंच गया। बैतूल 79.8 अंक के साथ प्रदेश की टॉप-10 सूची में शामिल हो गया है। इधर हरदा 58.8 अंक के साथ 40 नंबर पर है। उल्लेखनीय है राज्य स्तरीय टीम ने लगभग एक महीने पहले सत्यापन किया था। रिव्यू रैंकिंग के बाद अस्पतालों में अव्वल आने की कसरत शुरू हो गई है।

टॉप-5 में होशंगाबाद
जिला अस्पताल को 2018 में 85 प्रतिशत अंक मिले थे। इसी वजह से वह प्रदेश में नंबर-2 पर थे। बेस्ट परफार्मर के लिए 10 लाख रुपए अवार्ड भी मिला था। 2017 में पांच और 2016 में नंबर छह आने पर तीन-तीन लाख रुपए मिले थे।
जिला अस्पताल ने खुद को दिए थे 83 फीसदी अंक

इन कमियों पर कटे नंबर
साफ-सफाई की कमी। डस्टबिन का अभाव। जगह-जगह लगे कचरे के ढ़ेर।
खुले परिसर में मेडिकल वेस्ट, अधूरे पड़े निर्माण।
प्याऊ और आईवार्ड के सामने गंदगी मिली थी।
अव्यवस्थित पार्किंग, ओपीडी के बार मरीजों के लिए नहीं बैठने का इंतजाम।
अस्पताल प्रबंधन की नजर में मूल्यांकन

जांच के बिंदू हमारे - अंक- रिव्यू अंक
अस्पताल की व्यवस्था - ९५ ७०
सेनीटेशन एंड हाइजीन ९० ६०
बॉयो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट ८९ ८१
इन्फेक्शन कंट्रोल ९६ ८१
सपोर्ट सर्विसेस ९६ ३९
स्वच्छता को बढ़ावा ८८ ३२
अस्पताल से परे ३७ ५८
(आंकड़े प्रतिशत में)


सेवा में सुधार की गुंजाइश
केस 1
अपने बीमार रिश्तेदार से मिलने आए इटारसी के एसी पाल ने कहा अस्पताल के टॉयलेट इतने गंदे हैं कि बदबू से वार्ड में रहना मुश्किल होता है।
केस 2
दिलीप सराठे ने बताया- मैं पिताजी को लेकर अस्पताल आया हूं। पर्ची बनाने में 20 मिनट लग गए। बुजुर्ग और मरीजों के बैठने तक का इंतजाम नहीं है।
इसलिए बढ़ी उम्मीद
ल-सफाई के लिए नया ठेका हो गया है। सफाईकर्मी बढ़ेंगे।
ल-जर्जर भवनों की मरम्मत। बेहतर पार्र्किंग और मरीजों के बैठने के लिए बैंच।
ल-परिसर में सफाई के लिए ५ कंटेनर और वार्डों में ४० डस्टबिन रखे गए।
ल- जागरुकता के बैनर लगाए, जन सहयोग से वार्डों का जीर्णोद्धार हो रहा।

प्रबंधन के दिए ८३ फीसदी अंकों में कटौती हुई है। अब फाइनल रिव्यू के पहले खामियों को दूर कर रहे हैं।
डॉ. अखिलेश सिंघल, सदस्य टीम कायाकल्प।

कायाकल्प में हम अव्वल आएं। इसके लिए बताई गई कमियों को दूर किया जा रहा है। उम्मीद है, हम टॉप-५ में रहेंगे।
डॉ. रविंद्र गंगराड़े, सीएस जिला अस्पताल होशंगाबाद

फाइनल रिव्यू बाकी
तीन चरणों में कायाकल्प सत्यापन होता है। दो चरण के अब बाद फाइनल रिव्यू के लिए केंद्रीय टीम भोपाल से दिसंबर अंत तक या जनवरी में आएगी। इसके बाद रैंक मिलेगी।

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