फरवरी से मिलेगा गल्र्स कॉलेज प्रबंधन को हॉस्टल का अधिपत्य,

-७२ लाख की लागत से हुआ है हॉस्टल का निर्माण

-अगले सत्र से छात्राओं को मिलेगी सुविधा

इटारसी। शासकीय कन्या महाविद्यालय में पढऩे वाली छात्राओं को अगले सत्र से हॉस्टल की सुविधा मिलने जा रही है। ७२ लाख की लागत से बनाए जा रहे इस हॉस्टल का काम पूरा हो गया है। यह हॉस्टल भवन फरवरी महीने में गल्र्स कॉलेज प्रबंधन को हैंडओवर होने वाला है। इस हॉस्टल के हैंडओवर होने के बाद कॉलेज में दूरदराज से आने वाली छात्राओं को रुकने की सुविधा मिलने लगेगी।
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2008 में हुई थी मांग
शहर से बाहर की छात्राओं को हॉस्टल सुविधा देने के लिए जमीन की मांग वर्ष 2008 में उस वक्त की गई थी जब तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज ङ्क्षसह चौहान इटारसी के एमजीएम कॉलेज आए थे। उसके बाद पत्राचार होता रहा। गल्र्स कॉलेज को यूजीसी ने मार्च 2010 में हॉस्टल निर्माण के लिए 40 लाख रुपए की स्वीकृति दे दी थी मगर गल्र्स कॉलेज के पास जमीन ही उपलब्ध नहीं थी।
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ऐसे मिली थी जमीन
वर्ष 2009 में तत्कालीन विधायक गिरिजाशंकर शर्मा ने एमजीएम कॉलेज के अंतर्गत गल्र्स हॉस्टल निर्माण के लिए जमीन एमजीएम कॉलेज को देने की मांग की थी। इस मांग पर कलेक्टर ने ७ जनवरी 2011 को 58 हजार 320 वर्गफुट जमीन एमजीएम कॉलेज को आवंटित कर दी थी मगर यूजीसी ने एमजीएम कॉलेज को कोई ग्रांट नहीं दी वहीं गल्र्स कॉलेज की ग्रांट स्वीकृत कर दी। इसके बाद तत्कालीन विधायक शर्मा ने 4 नवंबर 2011 को उच्च शिक्षा आयुक्त को एमजीएम कॉलेज को आवंटित जमीन गल्र्स कॉलेज को हस्तांरित करने की मांग की थी। एमजीएम कॉलेज ने भी 27 जनवरी 2012 को जमीन गल्र्स कॉलेज को हस्तांतरित करने की अनुशंसा की थी जिसके बाद ५८ हजार ३२० वर्गफुट जमीन गल्र्स कॉलेज को मिली थी।
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७२ लाख से बना भवन
गल्र्स कॉलेज का यह भवन करीब ७२ लाख रुपए की लागत से बना है। भवन के लिए पहली किस्त में ४० लाख रुपए और दूसरी किस्त में 32 लाख रुपए मिले थे। इस राशि से ही यह भवन बनकर तैयार हुआ है। इसमें अधिकतम ४० छात्राओं के रुकने की सुविधा रहेगी।
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लाभ होगा
छात्राओं के लिए हॉस्टल बन गया है। अगले सत्र से हम छात्राओं को उसमें सीट का आवंटन करने की स्थिति में आ जाएंगे।
डॉ कुमकुम जैन, प्राचार्य गल्र्स कॉलेज
हॉस्टल भवन का काम पूरा हो गया है। बस दो तीन ङ्क्षसक लगना शेष हैं। फरवरी की शुरूआत में भवन कॉलेज प्रबंधन को हैंडओवर कर दिया जाएगा।
एसके मेहतो, प्रोजेक्ट प्रभारी पीडब्ल्यूडी
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Rahul Saran Reporting
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