मैं हूं मध्यप्रदेश

मैं हूं मध्यप्रदेश

By: sandeep nayak

Published: 05 Mar 2021, 06:30 PM IST

भीम बैठका, इतिहास संजोता स्तूप साँची का
प्राचीन अवंतिका, नाम अमर महाराज भोज का
रूपमती का मांडू देखो, कितनी स्मृति शेष
मैं हूँ मध्य प्रदेश, मैं हूँ मध्य प्रदेश।।
रंगों की गेर यहाँ है, पर्वों में गणगौर यहाँ हैं
मौज भगोरिया की, सजे बैल पर्व पोला का
अनगिनत मेले, जात्रा हो या, रंग पंचमी विशेष
मैं हूँ मध्य प्रदेश, मैं हूँ मध्य प्रदेश।।
जीवनदायिनी माँ नर्मदा, शिप्रा, ताप्ती बहे यहाँ
पग पग रोटी डग डग नीर; मालवा और है कहाँ
भिन्न भिन्न हैं बोली-भाषा, भिन्न भिन्न गणवेश
मैं हूँ मध्य प्रदेश,मैं हूँ मध्य प्रदेश।।
आल्हा-उदल की शारदा माई, गाथा सुनते है सब भाई
मस्जिदों का ताज यहाँ है, होशंग आबाद यहाँ है
बुंदेली, निमाड़ी, बघेली का विस्तार यहाँ है
ग्वालियर, ओरछा, धार, असीरगढ़, किलों का है देश
मैं हूँ मध्य प्रदेश, मैं हूँ मध्य प्रदेश।।
माखन, शरद, राहत, परसाई, विश्व भर में है धाक जमाई
मैहर, ग्वालियर, देवास जहाँ है, होता संगीत का प्रवास यहाँ है
पन्ना, पेंच, बांधवगढ़ उद्यान, बाघ विचरते स्वछंद यहाँ है
गोंड, भील, बैगा, कोरकू का, मूल रहा है प्रदेश
मैं हूँ मध्य प्रदेश, मैं हूँ मध्य प्रदेश।।

निलेश कुमार कालभोर,
निदेशक समाचार
आकाशवाणी जयपुर

sandeep nayak Desk/Reporting
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