आइएएस अफसर भिड़े, एक कलेक्टर ने दी मंजूरी तो दूसरे ने जब्त कराए डंपर... जाने क्यों ?

आइएएस अफसर भिड़े, एक कलेक्टर ने दी मंजूरी तो दूसरे ने जब्त कराए डंपर... जाने क्यों ?
बुदनी-सीहोर मार्ग पर रात में नहीं दौड़ सकेंगे रेत के डंपर

Brijesh Chouksey | Updated: 11 Sep 2019, 02:42:37 PM (IST) Hoshangabad, Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

सीहोर कलेक्टर बोले- पहले जांच कराएंगे, कैसे रोक के बाद भी जारी कर दी रायल्टी

होशंगाबाद/बुधनी। एनजीटी की रोक और नई परिवहन नीति के तहत प्रतिबंध के बाद रेत परिवहन को लेकर दो जिलों के कलेक्टर आमने-सामने आ गए हैं। होशंगाबाद कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने 26 रेत ठेकेदारों में से भाजपा विधायक डॉ. सीतासरण शर्मा के भतीजे वैभव शर्मा सहित आठ के बंद ईटीपी पोर्टल खोलकर उन्हें रेत परिवहन की मंजूरी दे दी। जिससे वे रेत परिवहन करने लगे। लेकिन होशंगाबाद से रेत भरकर ले जा रहे इनमें से पांच डंपरों को बुधनी पुलिस ने जब्त कर लिया। बुधनी में ही मौजूद सीहोर कलेक्टर और एसपी से व्यापारियों ने शिकायत की। इस पर सीहोर कलेक्टर अजय गुप्ता ने जब्त वाहन छोडऩे से साफ इंकार करते हुए व्यापारियों से दो टूक कहा कि एनजीटी के प्रतिबंध के बावजूद रॉयल्टी कहां से और कैसे जारी हुई है, इम इसकी जांच कराएंगे।

थाना प्रभारी ने किये पांच डंफर जब्त

होशंगाबाद कलेक्टर के निर्देश पर सोमवार रात से खदानों के आठ स्टॉकों के पोर्टल खोल दिए गए। जिससे वे रायल्टी काटकर अपने स्टाक से रेत बेच सकें। इनसे डंपर-ट्रक से रेत परिवहन शुरू हुआ, लेकिन होशंगाबाद से जाने वाले वाहनों को सीहोर जिले में रोककर जब्त कर लिया गया। बुधनी थाना प्रभारी संध्या मिश्रा ने रेत से भरे पांच डंफर जब्त कर लिए। इसकी शिकायत लेकर बुधनी एवं होशंगाबाद क्षेत्र के रेत व्यवसायी मंगलवार शाम बुदनी विश्राम गृह में सीहोर कलेक्टर गुप्ता और एसपी एचएस चौहान से मिले। बुधनी थाना क्षेत्र में रेत के डंपर जब्ती की कार्रवाई क विरोध करते हुए बोले कि उनके पास रॉयल्टी है, बावजूद डंपर नहीं छोड़े जा रहे। इस पर कलेक्टर ने कहा कि हम पहले माइनिंग अधिकारी से इनकी जांच कराएंगे। एनजीटी के प्रतिबंध के बावजूद रॉयल्टी कहां से और कैसे जारी हुई है, इसकी भी जांच की जाएगी।

विधायक के भतीजे सहित आठ को दी मंजूरी

जिले में कुल 26 रेत के स्टॉकजिले की वैध खदानों के करीब 26 स्टॉक हैं। इन पर नई रेत नीति के लागू होने के बाद रोक लगा दी गई थी। कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग ने इनका निरीक्षण कर स्टाक पर मौजूद रेत का आंकलन कर रिपोर्ट कलेक्टर को भेज दी। इनमें से कलेक्टर ने सिर्फ आठ स्टॉकों को रेत बेचने की अनुमति दी। इसके बाद सोमवार रात में इनके ईटीपी पोर्टल खोल दिए गए। इसमें कुलामढ़ी-रायपुर के दो, ठाकुर कंस्ट्रक्शन के 2, माखन मिनरल्स के 2 एवं ग्वाड़ी व मरोड़ा के एक-एक स्टॉक शामिल हैं। इन स्टॉकों से रेत का परिवहन शुरू हो गया है। बाकी के 18 स्टॉकों को अभी अनुमति नहीं दी गई। खनिज निरीक्षक अर्चना ताम्रकार ने बताया कि प्रदेश में होशंगाबाद में सबसे पहले इन स्टॉकों के ईटीपी पोर्टल बंद किए थे, सत्यापन के बाद इन्हें सबसे पहले खोल दिया गया है। शेष 18 के सत्यापन प्रक्रिया में है। जैसे ही कलेक्टर से आदेश होंगे इनके भी ईटीपी पोर्टल खोले जाएंगे। ज्ञात रहे कि अभी सीहोर सहित अन्य जिलों में रोक नहीं हटी है।

दो गुना बढ़े दाम

रेत परिवहन पर रोक लगते ही इसके दाम दो गुना बढ़ गए हैं। होशंगाबाद में 500 फीट (18-20 घनमीटर) रेत 18 से 20 हजार, भोपाल में 25-30 हजार, इंदौर में 45-47 हजार और धार में 50 हजार रुपए में बिक रही है।

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