रेत माफियाओं ने बदली नर्मदा की धारा, उफान आया तो डूब जाएंगे कई गांव

हजारों ग्रामीणों को उठाना पड़ेगा रेत माफियाओं की मनमर्जी का खामियाजा, नर्मदा में आया उफान तो सिर्फ होशंगाबाद जिले में डूब जाएंगे इस साल डूबेंगे 64 गांव...

By: Shailendra Sharma

Published: 23 Aug 2020, 06:11 PM IST

होशंगाबाद. एक साल के अंदर ऐसा क्या हुआ कि इस बार अगर नर्मदा में उफान आया तो 64 गांव डूब जाएंगे। ये सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि नर्मदा के उफान में डूबने वाले गांवों की संख्या पिछले साल 19 थी जो इस साल बढ़कर 64 हो गई है। दरअसल नर्मदा नदी में होने वाले रेत के अवैध उत्खनन के कारण ये हालात बन रहे हैं। अवैध उत्खनन के कारण कई जगह नर्मदा नदी के किनारे टूट गए हैं जिससे उसकी धारा बदल गई है। ये हालात सिर्फ होशंगाबाद जिले के हैं।

रेत माफियाओं पर 'मेहरबानी' पड़ेगी भारी
नर्मदा नदी में रेत का अवैध उत्खनन बड़े पैमाने पर होता है। प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद रेत माफिया नदी का सीना चीर रेत निकालने का काम करते हैं। कई जगहों पर तो नदी से रेत निकालने के लिए वाहनों को वहां तक पहुंचाने के लिए नदी के किनारों को तोड़ दिया गया है और तो और बीच नदी में भी रास्ते बना दिए थे जिससे धीरे-धीरे नर्मदा की धार बदल रही है। यही कारण है कि अगर इस बार नर्मदा उफनती है तो कई गांव डूब में आएंगे। एक रिपोर्ट में प्रशासन का खुद मानना है कि ऐसे में होने वाला नुकसान पूर्व से अधिक होगा। पर्यावरणविद् डॉक्टर केडब्ल्यू शाह ने बताया है कि नर्मदा में अवैध उत्खनन की स्थिति में पानी के बहाव में मामूली बदलाव हुआ है, हालांकि अभी पानी के बहाव को देखते हुए कुछ कहा नहीं जा सकता है कि अगर बाढ़ आती है तो क्या प्रभाव डालेगी। लेकिन अवैध उत्खनन से नदी में बयोलॉजिकल एक्टिविटी में नुकसानन हुआ है।

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बुदनी क्षेत्र के 23 गांव में बनेगी डूब की स्थिति
बात अगर उन गांवों की करें जो नर्मदा नदी के उफान की चपेट में आ सकते हैं तो इनमें बुदनी क्षेत्र के 23 गांव शामिल हैं जिनमें होलीपुरा, महूकला, गवाडिया, बेरखेड़ी, बुदनी, जर्रापुर, जोशीपुरा, बगवाड़ा, रामनगर जहानपुर, हिरानी, शाहगंज, बनेटा पुराना, सुडानिया, सरदार नगर, जैत, हथनौरा, नारायणपुरा, बीसाखेडी सहित अन्य गांव शामिल हैं।

होशंगाबाद में यहां बनेंगे डूब के हालात
निमसाडिया,दिवलाखेडी,रायपुर,बांद्राभान,धानाबढ/बडखेडी,जासलपुर,डोंगरवाडा,बरन्डुआ,तालनगरी,पांजराकला, हासलपुर, मालाखेडी, फेफरताल, किशनपुर, जलालाबाद, रसूलिया, खोजनपुर, होरिया पीपर, मेहराघाट गांव डूब में आएंगे।

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होशंगाबाद के यह हैं हाल
होशंगाबाद में नर्मदा नदी के जल स्तर का खतरे का निशान 967 फीट पर है। इसके बाद अगर नर्मदा नदी का जल स्तर बढ़ता है तो निचली बस्तियों में पानी भरने लगता है।


- नर्मदा नदी का जल स्तर 968 फीट होने पर शहर के शनिचरा वार्ड, जगदीशपुरा, भीलपुरा, लेंडिया नाला में पानी भर जाता है।
- जल स्तर 970 फीट होने पर आदमगढ़, संजय नगर ग्वाल टोली, बंगाली कॉलोनी में पानी भरने लगता है।
- जल स्तर 975 फीट होने पर फेफरताल का रास्ता, कोरी घाट, झंडा चौक तक पानी पहुंच जाता है।
- जल स्तर 980 फीट होने पर बीटीआई रोड, एसपीएमगेट, नारायण नगर में पानी भरने लगता है।

Shailendra Sharma
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