ट्रेन पकडऩा हो तो 20 मिनट पहले पहुंचना होगा स्टेशन

हाई सिक्योरिटी सिस्टम के लिए मंडल के इटारसी और भोपाल स्टेशन का हुआ चयन

इटारसी. आने वाले समय में इटारसी स्टेशन से ट्रेन पकडऩे के लिए यात्रियों को ट्रेन के आने से 20 मिनट पहले स्टेशन पहुंचना होगा। दरअसल रेलवे जंक्शन पर हाई सिक्योरिटी सिस्टम लगाने शुरू करने जा रहा है। इसके लिए मंडल के इटारसी, भोपाल सहित देश के २०२ स्टेशनों का चयन किया गया है। सिस्टम शुरू होने के बाद प्रत्येक यात्रियों की चेकिंग पूरी होने में २०-२५ मिनट का समय लगेगा। रेलवे आईजी द्वारा इस संबंध में आरपीएफ को निर्देश जारी किए गए हैं।
2015 से लागू ही है आईएसएस - हाई सिक्योरिटी सिस्टम वास्तव में इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी सिस्टम(आईएसएस) का ही हिस्सा है। रेलवे द्वारा इस सिस्टम को २०११ में लागू किया गया था वहीं इटारसी स्टेशन पर २०१५ से इसकी शुरुआत हो गई थी। इस व्यवस्था से रेलवे स्टेशन सीसीटीवी कैमरा, एक्सेस कंट्रोल, बैगेज स्केनिंग सिस्टम और बम की पहचान और उसको निष्क्रि य करने वाले संसाधनों से लैस रहेंगे। इस पूरे सिस्टर की प्रति स्टेशन लागत करीब 385.06 करोड़ रुपए है। इसके साथ ही इसकी सबसे अहम बात फेस रिकोजिनेशन सॉफ्टवेअर की रहेगी, जिससे किसी कुख्यात अपराधी के रेलवे स्टेशन पर इंट्री होते ही उसकी आरपीएफ को जानकारी मिल जाएगी।
भीड़ को नियंत्रित करने का तरीका - आरपीएफ की माने तो रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने का तरीका है। अभी रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों का कोई ठिकाना नहीं होता। कई बार यात्री टे्रन के लिए घंटों पहले आ जाते हैं। वहीं कुछ यात्री ट्रेन के रवाना होने के कुछ समय पूर्व ही आते है जिससे कई बार वे चलती ट्रेन में चढऩे का प्रयास करते हैं। रेलवे द्वारा सिस्टम लागू करने से चलती टे्रन में चढऩे के दौरान होने वाली घटनाओं में भी कमी आएगी।
आउटर की भी करना होगी सिक्योरिटी - इटारसी जंक्शन पर आने वाली लगभग हर ट्रेन आउटर पर रुकती है। ऐसे में रेलवे को आउटर पर भी सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करना होगी। आउटर को सुरक्षित किए बगैर सिस्टम का सफल होना संभव नहीं है। आरपीएफ की माने तो पूरे सिस्टम में आउटर को कवर करने की भी योजना शामिल है। योजना के तहत जारी होने वाले बजट से जंक्शन के आउटर भी सिक्योर किए जाएंगे।
ट्रेन क्रॉसिंग स्टेशन होने से भी परेशानी - रेलवे भले ही महंगा सिस्टम लगाने जा रही हो लेकिन जंक्शन पर बुक होने वाले टिकटों की संख्या काफी कम है। रेलवे रिकॉर्ड की माने तो जंक्शन पर बुक होने वाले रिजर्वेशन टिकटों की संख्या महज २१५ है। ट्रेन क्रॉसिंग स्टेशन होने की वजह से जंक्शन पर भीड़ अधिक होती है। अधिकतर यात्री जंक्शन पर उतरकर यहां से दूसरी ट्रेन पकड़कर अपने गंतव्य तक जाते हैं। ऐसे में यदि कोई यात्री दूसरे स्टेशन से चढ़कर यहां आ जाए तो उस पर सिक्योरिटी सिस्टम को कोई असर नहीं होगा। रेलवे को ऐसे यात्रियों की निगरानी के लिए भी योजना बनाना होगी।
इनका कहना है
हाई सिक्योरिटी सिस्टम के संबंध में आरपीएफ डीजी द्वारा योजना बनाई है। रेलवे बोर्ड द्वारा आदेश जारी होने के बाद सिस्टम पर काम शुरू होगा।
सूबेदार सिंह, पीआरआई

जंक्शन पर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए हाई सिक्योरिटी सिस्टम लगाया जाना है। हालांकि इटारसी में 2015 से ही आईएसएस सिस्टम लागू है उसी का ही विस्तार किया जाएगा।
एसके सिंह, इंस्पेक्टर, आरपीएफ

yashwant janoriya
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